दार्जिलिंग

दार्जिलिंग
पश्चिम बंगाल का इतिहास बहुत ही रोचक है पश्चिम बंगाल में भारत का एक बहुत बड़ा भव्य राज्य है | जब भारत को आजादी नहीं मिली थी तब इस देश को बंगाल के नाम से पुकारा जाता था पर लेकिन देश को आजादी मिल गई तब इसके बाद इसे पश्चिम बंगाल का नाम दिया गया।और यहाँ की राजधानी कोलकाता है और यह इस राज्य का सबसे बड़ा शहर है यहाँ के बंगाली लोग अपनी भाषा में इस राज्य को पश्चिम बांगा के नाम से भी पुकारते है पश्चिम बंगाल राज्य के उत्तर में बसा हुआ यह शहर दार्जिलिंग अपने हिमालय की खूबसूरत तलहटी में बना है | दार्जिलिंग की सीमा बांग्लादेश भूटान और नेपाल जेसे देशो के साथ मे मिलती हुई जाती है और यह भव्य दार्जिलिंग समुन्द्र तल से लगभग 2134 मीटर ऊँचा है और यह हिमालय की चोटियों से घिरा हुआ है | और अपनी विशेष सजावट के लिए यह शहर पूरे विश्व भर में विख्यात है और यहाँ पर रहने वाले लोग ज्यादातर लोग नेपाली और बंगाली भाषा बोली जाती है और यह पर दार्जिलिंग में ही एक शापिंग करने के लिए विशेष बाज़ार लगती जहा सब कुछ उचित दामो पर मिलता है| और इसी कारण यहाँ पर लाखो लोग सैर करने आते है| दोस्तों अपने भारत में दार्जिलिंग समुद्र तल से 2,050 मीटर की ऊँचाई पर बना है। और यह सबसे कम खर्च वाला पर्यटन का स्थान है दार्जिलिंग| और जहा सब कुछ है अलग और दिलकश है यहाँ पर पहड़िया जो है वो सबसे अलग और खड़ी है यहाँ की पहाड़ी यहाँ की खूबसूरती में चार चाँद लगाती हुई सब जगह फैली हुई है और यहाँ चाय के बागानों में चाय पूरी तरह से फैली हुई है और यहाँ की यह चाय पूरे देश भर में प्रसिद्ध है और इस शहर की जलवायू बहुत ही शांत ही सबको आनंद प्रदान करने वाली है जो यहाँ को खास बनाती है | दार्जिलिंग में एक वेधशाला पहाड़ी बनी है जिस पर दार्जिलिंग बसा है और यहाँ सबसे अच्छी बात यह है की यहाँ से ही नेपाल, भूटान,तिब्बत और सिक्किम के दृश्य देखने को मिलते है | और चाय के प्रेमियों के लिए दार्जिलिंग एक स्वर्ग जेसी जगह है |और यहाँ पर हिमालयन शहद भी बहुत मशहूर है|