रानीखेत

रानीखेत

उत्तराखंडके अल्मोड़ा जिले में कुमाऊं पहाड़ियों की गोद में बसा, रानीखेत एक सदाबहार हिल स्टेशन है जोसमुद्र तल से 1,829 मीटर की ऊंचाई स्थित,रानीखेत को देखकर ऐसा लगता है प्रथ्वी पर अगर कही जन्नत है तो वो बस यही पर है क्योकि रानीखेत स्वर्ग की भूमि वाला स्थल है यह स्थान लम्बे कॉनिफ़र की हरी आबादी के बीच में अपनी खूबसूरती को बिखेर रहा है | यह पर्यटकों के बीच हिल स्टेशन और शांतिपूर्ण स्थान के रूप में प्रसिद्ध है।ब्रिटिश शासन के दौरान, यहशिमलासे पहले ब्रिटिशों के लिए ग्रीष्मकालीन राजधानी थी।

स्थानीय निवासी के अनुसार, यह वही जगह है जहां तत्कालीन राजकुमारी, रानी पद्मिनी को राजा सुधादेव से प्यार हो गया और बाद में उन्होंने इस सुरम्य घाटी को अपने नए घर के रूप में चुना।एक अद्भुत छुट्टी गंतव्य होने के अलावा, रानीखेत को आपके एडवेंचर शूज़ पर आज़माने के लिए भी जाना जाता है - कुछ ट्रेकिंग, माउंटेन क्लाइम्बिंग, कैंपिंग या रैपलिंग के लिए जाएं।नीदर लेंड के राजा का यह कहना है जिसने भारत का रानीखेत नहीं देखा उसने कुछ भी नहीं देखा है | यह मनमोहक और सुहावना भ्रमण का स्थल है | जिसने पुरे विश्व को अपना दीवाना बना दिया है | यहाँ की शीतल हवाए भी बस यही के गुन गाती है

पर्यटन के शौकीन दोस्तों आपको पता है कि रानीखेत में प्रक्रति ने बेशुमार प्यार से रानीखेत को सजाया है | रानीखेत सोंदर्य का जीता जागता प्रमाण है | प्रक्रति का अद्भुत खेल यहाँ पर कण-कण में बसा हुआ है | यहाँ पर घटियों का मिलो दूर तक अपना जादू दिखा रही है | रानीखेत को पहाड़ो की महारानी कहा जाता है | यहाँ की ठंडी शीतल वायु अपना सारा प्यार इस फूलो से भरे रानीखेत में बिताती है | पर्यटकों का अपने साथ यहाँ की सुन्दरता देखने के लिए लोगो का रुख बदल रहा है | रानीखेत में पर्यटक आकर बहुत ही शांति पूर्ण वातावरण का एहसास महसूस करते है | यहाँ पर न ज्यादा शोर होता है ना ज्यादा भीढ़ जो लोगो को बेहद पसन्द आता है | यहाँ की सबसे ख़ास बात यह है की यहाँ पर साफ़ सफाई का विशेष रूप से ध्यान दिया जाता है |

यह मूल रूप से एक छावनी शहर है जिसमें कुमाऊं रेजिमेंट और नागा रेजिमेंट शामिल हैं, जिसे भारतीय सेना द्वारा बनाए रखा जाता है।एक ज्वलंत हिल स्टेशन होने के नाते, आपको मुख्य रूप से हिमालय की तलहटी के पास शहर की ऊँचाई और स्थान के कारण ठंडी ठंडी जलवायु का अनुभव होता है।यह वही है जो गर्मियों के दौरान सुखद और शांत बनाता है लेकिन सर्दियों में भारी बर्फबारी का अनुभव करता है।

भाषा:हिंदी, अंग्रेजी और गढ़वाली

रानीखेत क्यों जाए

हिल स्टेशन और शांतिपूर्ण स्थान, एडवेंचर , बाइकिंग , बिजनेस हब , कैंटोनमेंट एरिया , क्रिसमस और न्यू ईयर , हिल स्टेशन , खरीदारी , वीकेंड गेटअवे

रानीखेत के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. चौबटिया गार्डन
  2. मजखली
  3. झूला देवी मंदिर
  4. उपट
  5. कालिका मंदिर
  6. भालु डैम
  7. द्वाराहाट
  8. कुमाऊँ रेजिमेंटल सेंटर
  9. रानी झेल

कैसे पहुंचे रानीखेत


सड़क मार्ग द्वारा

रानीखेत सड़क मार्ग से सभी महत्वपूर्ण शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। मुख्य बस स्टेशन सदर बाज़ार क्षेत्र से सटे मुख्य पर्यटन कार्यालय के पास स्थित है। रानीखेत से नैनीताल (3 घंटे), अल्मोड़ा (3 घंटे), काठगोदाम (4 घंटे), और कौसानी (4 घंटे) के लिए बस सेवा अक्सर है।

रेल मार्ग द्वारा

रानीखेत के लिए निकटतम रेलमार्ग काठगोदाम है।

हवाई मार्ग द्वारा

रानीखेत में हवाई अड्डा या रेलवे स्टेशन नहीं है। निकटतम हवाई अड्डा एक पंत नगर (नैनीताल) है। गर्मियों के दौरान नियमित उड़ानें संचालित होती हैं।