राजधानी:
देहरादून
स्थान:
उत्तरी भारत
उत्तराखंड घूमने का सबसे अच्छा समय:
उत्तराखंड की यात्रा के लिए पूरे साल एक आदर्श समय है।
उत्तराखंड क्यों जाएँ ?:
देवभूमि के नाम से प्रसिद्ध, ऊंचे पहाड़ों, हिल स्टेशन, व्हाइटवॉटर रिवर राफ्टिंग, तीर्थ यात्राओं के लिए, स्कीइंग का अनुभव, वन्यजीव पर्यटन, योग, हनीमून डेस्टिनेशन, आकर्षक ट्रेकिंग, बर्डवॉचिंग, संस्कृति और विरासत, फोटोग्राफी टूर, झीलों, पवित्र हिंदू मंदिरों, और राष्ट्रीय पार्क के लिए
भाषा:
हिन्दी

अपने भारत में सबसे सुन्दर देवतओ की भूमि कहा जाने वाला राज्य उत्तराखंड एक बहुत प्रसिद्ध है | जो यहाँ पर आता है उसको बहुत ही जल्दी इस राज्य से प्यार हो जाता है | उत्तराखंड एक यात्रा गंतव्य जहाँ पर ऊंचे पहाड़ों, चमकदार धाराओं,, ग्लेशियरों और सर्जिकल झीलों को शामिल करते हुए, सभी उत्तराखंड को भारत में एक प्रत्याशित पर्यटन स्थल बना कर पर्यटकों को यहाँ दीवाना बना रहा है | जिसकी राजधानी देहरादून है | साथियों अपने भारत में शीर्ष वाला भाग उत्तराखंड है जो बहुत ही दिलकश वादियों वाला है |जहाँ पर देवताओ का वास हुआ करता था जिसका उल्लेख वेद, पुराणों विशेषकर केदारखण्ड में पाया जाता है। उत्तराखंड एक ऐतिहासिक एंव सांस्कृतिक महत्व तथा प्राकृतिक सौंदर्य में अद्भुत है। बरत में उत्तर की दिशा में बसा हुआ शहर उत्तरांचल जहाँ पर लगभग करोड़ो की तादात में जनसँख्या बसी हुई है यही पर आदिगुरू शंकाराचार्य ने स्वर्गीय आभा वाले बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री चारों धामों की स्थापना करके भारतीय संस्कृति के समन्वय की अद्भुत मिसाल कायम की है। उतराखंड काफी बड़े स्थान पर बसा हुआ शहर है जो लोगो का मन मोह लेता है जहाँ पर बहुत सारे पर्यटन स्थल होने के साथ साथ धार्मिक स्थलों का भी खजाना यहाँ पर अपनी अलग ही पहचान बनाये हुए है| उत्तराखंड में हर तरह के पशु पक्षी हरी भरी घास वाले स्थान बगीचे घुमाव वाली सड़के और पवित्र संगम को जोड़ती हुई माँ गंगा यमुना जेसी नदियाँ है जो शीतल जल के साथ कल छल करके बहती रहती है | जो पुराने जमाने से लोगो के जीवन के प्राणों का आधार रही है | पाषाण काल के ऋषि मुनियों महान संतों, देवताओं, ऋषियों, मुनियों, योगीयों, तपस्वीयों, ईश्वरीय अवतारों की तपो स्थली होने के कारण यह भूमि देव भूमि के नाम से विख्यात है। उत्तराखंड का इतिहास उतना ही पुराना है जितना कि मानव जाति का है | यहाँ पर बहुत से कई शिलालेख, ताम्रपत्र व प्राचीन अवशेष भी प्राप्त हुए हैं।

how to reac Uttarakhand कैसे पहुंचे उत्तराखंड

कैसे पहुंचे उत्तराखंड

  • Flight Icon फाटा से प्रसिद्ध तीर्थ स्थल केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं प्रदान करती हैं।पंतनगर हवाई अड्डा केवल दिल्ली से जुड़ा हुआ जो चार्टर विमान के माध्यम से भी जुड़ा है। इन दोनों के अलावा, पिथौरागढ़, नैनी सैनी में एक हवाई अड्डा है, जो जल्द ही जनता के लिए खुला होगा जो केवल 25 - 30 मिनट की उड़ान में देहरादून को जोड़ेगा।देहरादून में हवाई अड्डे की घरेलू कनेक्टिविटी अच्छी है |
  • Car Icon उत्तराखंड परिवहन निगम (UTC) के पास राज्य के अधिकांश हिस्सों के साथ-साथ दिल्ली जैसे शहरों को जोड़ने वाली बसों का एक व्यवहार्य क्लस्टर है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) हल्द्वानी सहित उत्तराखंड के कई स्थलों के लिए बसें चलती है | यह ऊंचाई वाले स्थलों को भी काफी सुगम बनाता ,प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग कनेक्शन NH 109 है, जो नैनीताल, कौसानी, मुक्तेश्वर, अल्मोड़ा, रानीखेत सहित पूरे कुमाऊं क्षेत्र को दिल्ली से जोड़ता है।
  • Train Icon 1500 मीटर से ऊपर पहाड़ी राज्य उत्तराखंड को रेलवे द्वारा अच्छी तरह से जोड़ता है |तलहटी में रेलवे स्टेशन अभी तक ट्रेन द्वारा एक अच्छी तरह से जुड़ा गंतव्य है उत्तराखंड रेलवे विभाग के अब तक 16 बड़े और छोटे रेलवे स्टेशन हैं उत्तराखंड की यात्रा ट्रेन से करें उत्तराखंड को रेलवे द्वारा अच्छी तरह से जोड़ता हुआ यात्री गाड़ियों से लेकर चेयर कार तक में एसी टायर और नॉन एसी टियर भी मिल सकते हैं।

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