कमालपुर

कमालपुर

कमालपुर, सुन्दर भारतीय गंतव्य मे से एक है जो संस्क्रति भाषा, धर्म, परिद्रश्य, व्यंजनो, जल निकायो और जलवायु मे अपनी विविधता के लिए अद्वितीय है| उत्तर पूर्व भारत की सात बहनो मे से एक त्रिपुरा, स्वच्छता और शान्ति को बढ़ावा देती है| स्वतन्त्र राज्य त्रिपुरी शाही परिवार के शासन था और बाद मे 1949 मे मुक्त भारत मे शामिल, बंगाली और बिभिन्न आदिवासी समुदायो का यहाँ के निवासियो की सांस्कृतिक रूप से जातीयता और जीवन शैली मे बहुत बड़ा योगदान है| कमालपुर धलाई जिले मे राज्य के पूर्वी हिस्से मे स्थित है| ढलई का जिला मुख्यालय अम्बासा है|

राइमा घाटी प्राकृतिक रूप से बहुत सुन्दर है और यहाँ पर सैलानियो को मनोरम द्रश्य देखने को मिलते है| इसे त्रिपुरा जनजाति की माँ का दर्जा प्राप्त है| इस घाटी से बहती राइमा नदी इस पूरे क्षेत्र के सौन्दर्य मे चार चाँद लगाती है| इस घाटी मे कई तरह की वनस्पतियाँ पाई जाती है अगर आप किसी शांत जगह की खोज कर रहे है यह एक शानदार पिकनिक स्पॉट भी है| तो आपको इस घाटी आना चाहिये| इस पूरे क्षेत्र के सौंदर्य मे चार चांद लगाती है। इस घाटी मे कई तरह की वनस्‍पतियां पाई जाती है।

कमालपुर मे किसी शांत जगह की खोज कर रहे है, तो आपको राइमा घाटी आना चाहिए। ये एक शानदार पिकनिक स्‍पॉट भी है। रोवा वन्यजीव अभ्यारण्य लगभग 86 हेक्टेयर भूमि के क्षेत्र मे फैला हुआ है| यहाँ हरे - भरे बर्षावन और वनस्पतियाँ एवं जीव बहुतायत मे पाए जाते है| यह जंगली जानवरो और विदेशी पक्षियो की 120 से अधिक प्रजातियाँ यहाँ देखने को मिलती है| इसके अलावा इस अभ्यारण्य मे विदेशी जंगली पौधे, वनस्पति झाड़ियाँ, पुराने पेड़ो की भी भरमार है| हेरिटेज पार्क से कमालपुर दो घंटे की दूरी पर है| ये इस शहर का एकमात्र मनोरंजक पार्क है और इसी वजह से यहाँ पर भारी भीड़ रहती है| नक्काशीदार फुटपाथ, फल – फूल वाले बगीचे और औषधीय पौधो के साथ ये पार्क १२ एकड़ भूमि के क्षेत्र मे फैला हुआ है|

इस पार्क मे आदिवासी और गैर - आदिवासी त्रिपुरा के इतिहास, विरासत, परम्पराओ और संस्कृति का समावेश होता है| कमलेश्वरी मंदिर शहर के केन्द्र एवं यह हिन्दू देवी काली का मन्दिर है| और माँ काली का ही दूसरा नाम कमलेश्वरी है| इस आध्यात्मिक पवित्र स्थान को दर्शनीय स्थलो मे शामिल किया गया है| यहं कई पुजारी और तान्त्रिक भी रहते है जो आमतौर पर भक्तो की इच्छाओ की पूर्ति के लिए कई अनुष्ठान करते है| हर समय दुनिया भर के पर्यटको और भक्तो की भीड़ लगी रहती है|

कमालपुर क्यों जाए

विदेशी जंगली पौधे , वनस्पति झाड़ियाँ , पुराने पेड़ो के लिए

कमालपुर घूमने का सबसे अच्छा समय

सर्दियो के महीनो मे यहाँ का मौसम सुहावना और ठंडा रहता है नवम्बर से जनवरी तक के महीने यात्रियो के लिए अनुकूल रहते है| इस दौरान औसत तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से 20 डिग्री सेल्सियस तक बना रहता है|


कैसे पहुंचे कमालपुर


सड़क मार्ग द्वारा

इसका बस टर्मिनल कमालपुर बस स्टॉप है , जो अन्य शहरो से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है |

रेल मार्ग द्वारा

कमालपुर रेलवे स्टेशन शहर का रेलहेड है| इस रेलवे स्टेशन पर देश के अन्य हिस्सो से नियमित तरीके से आती है|

हवाई मार्ग द्वारा

कमलपुर हवाई अड्डा चाहे एक छोटा हवाई अड्डा हो लेकिन ये देश के अन्य बड़े शहरो से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है इस शहर मे वायु मार्ग की सुविधा उपलब्ध है |