मेडक

मेडक

यह राज्य आन्ध्र प्रदेश मे स्थित नगर निगम शहर है| और यह राज्य की राजधानी हैदराबाद से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है| यह मानते है कि इस शहर का मूल नाम सिद्धपुरम था| जिसे बाद मे बदलकर गुलशानबाद कर दिया गया था| और अब मेडक| इस देश के स्थानीय लोग तेलंगाना के बिभिन्न पर्वो को मानते है| विशेष रूप से बाथुकम्मा का त्यौहार जो नारीत्व की संरक्षक देवी महागौरी की नौ दिनो की लंबी पूजा है| देवी की आराधना बथुकम्मा के रूप मे पूजा जाता है|मनाए जाने वाले अन्य उल्लेखनीय त्योहारों मे बोनालू और पीरला पांडुगा शामिल है जिन्हें हिन्दू मुस्लिम मनाते है| मेडक मे कई ऐतिहासिक मंदिर जो देवी सरस्वती को समर्पित अनंतसागर के पास श्री सरस्वती क्षत्रमु जैसे पर्यटको को आकर्षित करते है| कर्नाटक और महाराष्ट्र के राज्यो के करीबन तेलंगाना मे एडुपायला दुर्गा भवानी गुड़ी, देवी दुर्गा भवानी को समर्पित मंदिर है| मेडक का नाम तेलुगु शब्द मेथुकु से आया है जिसका अर्थ है "पके हुए चावल के दाने।" बाथुकम्‍मा के तेलंगाना क्षेत्र मे त्यौहार मे मनाया जाता है इसे सिर्फ महिलाएं ही मनाती है| इसके लिए नवरात्रि के दौरान मनाया जाता है| जिसमे देवी गौरी की आराधना की जाती है| देव गौरी को बाथकुम्मा के रूप मे तेलंगाना मे पूजते है| इसे काकतीय राता प्रताप रूद्र ने मेडक को बचाने के शहर के आसपास दुर्ग का निर्माण भी करवाया था| इस गढ़ का निर्माण एक पहाड़ी के ऊपर किया गया था| और तब इसका नाम मेथुकुरूदुरूगम रख दिया गया था| स्थानियो द्वारा इसको मेथुकुस्‍सीमा कहकर पुकारा जाता है|

मेडक क्यों जाए

ऐतिहासिक मंदिर |

मेडक घूमने का सबसे अच्छा समय

इसकी की सैर का सबसे अच्छा समय अक्टूबर , नवम्बर , दिसम्बर , जनवरी और फरवरी है|

मेडक के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. श्री सरस्वती क्षत्रमु
  2. एडुपायला दुर्गा भवानी गुड़ी
  3. देवी दुर्गा भवानी |