खम्मम

खम्मम

खम्मम का नामकरण शहर के एक पहाड़ी पर बने मंदिर 'नरसिम्हाद्रि' से हुआ है इसे बाद मे "स्टंबा सिखारी" के रूप मे नाम दिया गया इसे 'स्टंबाद्री' कहा गया| वारंगल और नलगोंडा के कुछ स्थानों को मिलाकर खम्मम जिला बनाया गया। ऐसा माना जाता है कि भगवान नरसिंह एक पत्थर के खम्भे से निकले और बाल भक्त प्रहलाद को बचाने के लिए दुष्ट राजा हिरन्यकश्यप को मार डाला| कहा जाता है कि यह घटना कलयुग में बसी थी| मंदिर के नीचे की खड़ी चट्टान को ‘कम्बा’ के नाम से और पहाड़ी के तल पर स्थित शहर को ‘कम्बेट्टु’ कहा जाता है जो धीरे __ धीरे खम्मम मैट और अंत में खम्मम मे बदल गया| जिले से होकर बहने वाली महत्वपूर्ण नदियाँ गोदावरी, सबरी, किन्नरसानी, मुन्नारु, पलेरू, अकरू और व्य्रा है| वारंगल जिले में उठने वाली मुन्नारु नदी कोठागुडेम और खम्मम राजस्व प्रभागों से गुजरने वाले दक्षिण वार्डों में बहती है। अकरु नदी जो वारंगल जिले में भी उगती है दक्षिण _ पूर्वी दिशा मे बहती है| और थर्डला गावं मे मुन्नारू मे मिलती है| यह शहर मुन्नारु नामक नदी के तट पर स्थित है जो कृष्णा नदी की एक सहायक नदी है। जिले के कई प्रसिद्ध व्यक्ति युगों से स्वतंत्रता आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। उनमें से कुछ हैं- जमालपुरम केशव राव, वट्टिकोंडा रामकोटाया, कुरापति वेंकट राजू, हीरालाल मोरिया, गेला केशव राव, कोलीपाका किशन राव, पुलाभोट्टा वेंकटेश्वरलु, नेदुमुरी जगन्नाथ राव, पब्बाराजू रंगा राव, सरबदेव और सरवणदेवी।खम्मम मे एक त्यौहार है जिसे पुराने नाम "स्टंभाद्री" को याद किया जाता है।

संसद और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र

जिले मे खम्मम संसदीय क्षेत्र और 5 विधानसभा क्षेत्र है।

खम्मम

Palair

माधिरा

Wyra

Sathupally.

खम्मम क्यों जाए

नदियाँ |

खम्मम के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. भद्राचलम
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  4. Nelakondapalli
  5. पापी हिल्स
  6. Kinnerasani
  7. माधिरा
  8. (saradiagar)
  9. नीलाद्रि |