आदिलाबाद

आदिलाबाद

आदिलाबाद को पहले एडुलपुरम कहा जाता था| जिले का नाम आदिलाबाद के रूप मे पड़ा| इसका नाम अली आदिल शाह के शासक बीजापुर के नाम पर रखा गया| जो इसका मुख्यालय था| आज, आदिलाबाद तेलंगाना का दूसरा सबसे बड़ा जिला है| आदिलाबाद का इतिहास गोंडवाना और बरार क्षेत्रों के सबसे पुराने अतीत से जुड़ा हुआ है| यह क्षेत्र कई उत्तर भारतीय राजवंशो द्वारा शासित होने का गौरव प्रदान करता है जिनमे मौर्य, नागपुर के भोंसले राजा और मुग़ल शामिल है| यह दक्षिण भारतीय शासको का हिस्सा था जो सातवाहन, राष्ट्रकूट, वाकाटक, काकतीय, चालुक्य और बरार के इमाद शाहियों के राजवंशो से सम्बंधित थे| मुगलो के समय मे आदिलाबाद को अधिकतम प्रमुखता मिली| औरंगजेब ने अपने प्रशासन अधिकारी को दक्षिण के राज्य की देखभाल के लिए डेक्कन के वाइसराय के रूप मे जाना औरंगजेब ने ऐसा सुनिश्चित दक्कन के इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का ध्यान रखने को किया| डोकरा (आदिवासी धातु का काम) और निर्मल पेंटिंग और हस्तशिल्प दुनिया भर मे प्रसिद्ध है।

आदिलाबाद क्यों जाए

डोकरा (आदिवासी धातु का काम) , निर्मल पेंटिंग , हस्तशिल्प |

आदिलाबाद के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. कोर्टिकल फॉल्स
  2. कलवा नरसिम्हा स्वामी मंदिर
  3. मनचेरियल की मेसोलिथिक पेंटिंग Surendrapuri
  4. तेलंगाना के रिंगिंग रॉक्स
  5. अल्वनपल्ली जैन मंदिर . अममपल्ली सीता राम मंदिर
  6. देवल मस्जिद
  7. जगदेवपुर वरदराजू स्वामी मंदिर
  8. मयूरी नर्सरी
  9. चेरियल स्क्रॉल पेंटिंग
  10. Nandikonda |