रणथंभौर

रणथंभौर

रणथम्भौर सवाई 12 किलोमीटर दूर रणथम्भौर वन्यजीव अभ्यारण्य बंगाल टाइगर्स के लिए प्रसिद्ध है जिसे दिन के किसी भी समय आसानी से देखा जा सकता है| इस अभ्यारण्य मे पाए जाने वाले अन्य जानवर जंगली सूअर, भारतीय तेंदुआ, धारीदार लकड़बग्घा सुस्त भालू, मगरमच्छ और साम्भर है| रणथम्भौर और उसके आसपास कई झीले है| उनमे से कुछ पदम् तलाओ, सुरवाल झील और मलिक तलाओ है| एक अन्य महत्वपूर्ण आकर्षण रणथम्भौर किला है जिसे 944 ईस्वी मे बनाया गया था|

रणथंभौर मे घूमने के लिए सबसे अच्छी जगहे

रणथम्भौर नेशनल पार्क मे बाघो (लोकप्रिय डायरल बाघो सहित) धारीदार हाइना तेंदुएं, साम्भर हिरण, नीलगाय, मकाक, चीतल, सियार, रफ़स टेल्स हरे, काले हिरण, चिंकारा, डेजर्ट, भारतीय पोरपाइन छोटे भारतीय mongoose आदि| रणथंभौर किला बहुत लोकप्रिय है। एक पहाड़ी को चोटी पर यह किला पूरे पार्क का शानदार द्रश्य प्रदान करता है| लुभावने द्रश्य के अलावा किला एक ऐतिहासिक और वास्तुशिल्प आश्चर्य है| यह रणथंभौर नेशनल पार्क की सबसे बड़ी झील है। पदम तालाब का नाम मौसम के दौरान झील में उगने वाली जल लिली के नाम पर रखा गया है।काचिदा घाटी पार्क के बाहरी इलाके मे इसमे पार्क की अधिकांश आबादी पैथर के साथ – साथ बियर की बड़ी आबादी शामिल है| पार्क की सबसे खूबसूरत झील राज बाग़ तालाब है| झील के किनारे पर बिखरे खँडहर इसके आकर्षण मे इजाफा करते है झील मे भोजन करने वाले पशु और पक्षी झील के कुछ अन्य आकर्षण और यह सांभर हिरणो और प्रमुख बाघो के लिए सबसे पसंदीदा जगह है| पार्क के उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रो मे स्थित लकड़ा और अनंतपुरा। इसे 'स्लॉथ बीयर्स, के लिए सबसे अच्छी जगह के रूप मे जाना जाता है| जोगी महल, यह स्थान जंगल के बीच मे एक विश्राम गृह है| इसको भारत मे दूसरा सबसे बड़ा बरगद का पेड़ कहा जाता है|

रणथंभौर क्यों जाए

कई झीले , वन्यजीव अभ्यारण्य , शानदार द्रश्य |

रणथंभौर घूमने का सबसे अच्छा समय

रणथंभौर की यात्रा का सबसे अच्छा समय नवंबर से अप्रैल तक है जब मौसम हल्का होता है |

रणथंभौर के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. पदम् तलाओ
  2. सुरवाल झील और मलिक तलाओ
  3. राज बाग़ तालाब
  4. रणथम्भौर किला
  5. जोगी महल |