रणकपुर

रणकपुर

"अरावली में एक आध्यात्मिक नखलिस्तान" / राजस्थान के पाली मे एक शांत गावं जैनियो के लिए एक पवित्र स्थान है| तीर्थयात्रा के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान होने के नाते यह पश्चिमी भारत के सबसे सुन्दर और श्रद्धेय मंदिरो में से यह अरावली पर्वतमाला की एक सुदूर घाटी है, जो उदयपुर के प्रसिद्ध शहर से 96 किमी दूर स्थित जगह का शांत वातावरण और सुन्दर जैन मंदिर जो 1438 के आसपास एम्बर पत्थरो से बने है, और पर्यटको को साल भर इस जगह की ओर आकर्षित करते है| राजस्थान के इस आरामदायक आवास और तीर्थ को मंदिरो के शहर के रूप मे जाना जाता है राणा कुम्भा नामक एक राजा ने जैन मंदिरो के निर्माण के लिए एक अमीर व्यापारी को जगह| रणकपुर में जैन मंदिर सबसे महत्वपूर्ण दर्शनीय, अन्य सुन्दर स्थान महारानी बाग़ और अरावली पहाड़ियां है| अरावली पर्वतमाला में घोड़े की पीठ यात्रा और कुम्भलगढ़ वन्यजीव अभ्यारण्य की यात्रा के लिए इस शहर मे करने के लिए फोटोग्राफी और बर्ड वॉचिंग भी शामिल है| वन्यजीव अभ्यारण्य फोटोग्राफी की सुन्दरता को बढाता है| इसलिए यह एक आदर्श यात्रा गंतव्य है| पर्यटको के बीच राजस्थान एक विचित्र शहर है और जैन धर्म के पांच सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थानो में से एक है| रणकपुर मंदिर, यह मुख्य रूप से सुन्दर मंदिरों के लिए जाना जाता है इस परिसर में चौमुखा मंदिर (चार मुख वाला मंदिर) है जो प्रथम तीर्थकार आदिनाथजी को समर्पित है| सादरी, इससे लगभग 8 km दूर सदरी है| उनमे से सबसे पुराने चिंतामणि पारसनाथ मंदिर और वराह्वतार मंदिर है| देसुरी शहर से लगभग 16 km दूर है| यह शहर कई मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, उनमे से सबसे उल्लेखनीय मंदिर भगवान शिव नवी माता और भगवान हनुमान को समर्पित है| यहान एक पुरानी मस्जिद भी है, जी देखने लायक है|

रणकपुर क्यों जाए

सुन्दर मंदिरो , शांत वातावरण , एक पुरानी मस्जिद |

रणकपुर घूमने का सबसे अच्छा समय

इस जगह की यात्रा के लिए सर्दियो का समय सबसे अच्छा है।

रणकपुर के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. चमुखा (चार मुख वाला) मंदिर
  2. रणकपुर जैन मंदिर
  3. सूर्य नारायण मंदिर
  4. सादरी नारलाई
  5. मुछाल महावीर मंदिर |