बाड़मेर

बाड़मेर

राजस्थान मे बाड़मेर का उमस भरा शहर विदेशी थार रेगिस्तान का एक प्रमुख हिस्सा है| यह रेगिस्तानी शहर जैसलमेर से लगभग 153 किमी दूर स्थित है राजस्थान की संस्कृति को जीवित रखते हुए बाइमेर के स्थानीय लोगो को अपने शरीर पर कई पारम्परिक आभूषणो के साथ जीवंत – आकर्षक पोशाक पहने देखा जा सकता है| कामुक परिद्रश्य, कठोर जलवायु और कठिन इलाको के साथ बंजर भूमि को ‘चमकदार सूरज की भूमि, बनाती है| जो अपनी समर्ध कला, संस्कृति, शिल्प, नृत्य और संगीत के लिए मनाया जाता है, पहले इस शहर का नाम बहडमर के नाम पर रखा गया था| जिसका शाब्दिक अर्थ है “पहाड़ी का किला” हालाँकि वर्तमान इस जिले का गठन 1949 मे हुआ था| बाड़मेर जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है इस दौरान यहाँ का मौसम राजस्थान घूमने के लिए बिलकुल अनुकूल होता है।

बाड़मेर मे मेले और त्यौहार

यह क्षेत्रीय मेलो और त्योहारो को अत्यन्त उल्लास के साथ मनाया जाता है| तिलवाड़ा में प्रतिष्ठित मल्लिनाथ मवेशी मेला एक महत्वपूर्ण त्योहार है| जिसे रावल मल्लीनाथ की प्रेममयी स्मृति में मनाया जाता है| वीरता मेला और बाड़मेर थार महोत्सव अन्य लोकप्रिय अवसर यहाँ बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है|

बाड़मेर क्यो जाएं?

बाड़मेर की रेत संरचनाओ के बीच शानदार शहर वास्तव मे एक रेगिस्तान फूल है| राजस्थान के बड़े जिलो मे भारत मे पांचवा सबसे बड़ा जिला है यह अपने हस्तशिल्प वस्तुओ के लिए प्रसिद्ध है| तो अपने प्रियजनो के लिए कुछ स्मृति चिन्ह खरीदना न भूले|

बाड़मेर क्यों जाए

कामुक परिद्रश्य , कठोर जलवायु , कठिन इलाको के साथ बंजर भूमि |

बाड़मेर घूमने का सबसे अच्छा समय

बाड़मेर जाने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच का है इस दौरान यहाँ का मौसम राजस्थान घूमने के लिए बिलकुल अनुकूल होता है।

बाड़मेर के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. बाड़मेर का किला
  2. खेड़
  3. किराड़ू
  4. मेवा नगर
  5. किराडू प्राचीन मंदिर
  6. बालोतरा और कानाणा
  7. मेव नगर
  8. बाड़मेर का किला |