बांसवाड़ा

बांसवाड़ा

आदिवासियो की भूमि / बांसवाडा का नाम ‘बांस, या बांस के पेड़ से मिलता है| जो कभी बहुतायत मे उगता था| यह शहर माही नदी पर सैकड़ो छोटे द्वीपो (स्थानीय पल्ली मे चाचाकोटा के रूप मे जाना जाता है|) इसे अक्सर ‘सौ द्वीपो का शहर, कहा जाता है| शहर को सबसे पहले महारावल जगमाल सिंह ने पाया था| पूरे क्षेत्र में कई बांस के जंगल स्थित है| यहाँ श्री राज मंदिर यह एक सुन्दर महल है, जिसका निर्माण 16 वीं शताब्दी के वास्तुकला की विशिष्ट राजपूत शैली का प्रतिनिधित्व करता है बांसवाड़ा कई उद्यानो और झीलो से सुशोभित है। डायलाब झील, आनंद सागर झील और कागदी गार्डन प्रसिद्ध झीलो मे से है। बांसवाडा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलो मे से एक 11 वी और 12 वीं शताब्दी के हिन्दू और जैन मंदिरो का खँडहर है| इस स्थल पर स्थित शिव मंदिर के कुछ खंडो में बिभिन्न धार्मिक मूर्तियो को दर्शाया गया है| आनंद सागर या बाई तालाब रानी लीची बाई द्वारा निर्मित एक क्रत्रिम झील है जो कल्पब्रक्ष (पेड़ो की कामना) और शाही छत्रियो (सेनोटाफ्स) से घिरा हुआ है| राम कुंड (जिसे फाति खां के नाम से भी जाना जाता है| जहाँ भगवान राम अपने वनवास के दौरान रुके थे| अंदेश्वर पार्शवनाथजी एक श्रद्धालु जैन मन्दिर है, बांसवाडा मे कुछ मदरेश्वर मंदिर, विठला देव मंदिर और बांसवाडा मे राज मंदिर| और 12 वीं शताब्दी के आसपास बना एक प्रसिद्ध शिव मंदिर है जबकि त्रिपुर सुंदरी हिन्दू धर्म मे शक्ति पीठो मे से एक है| यह 18 – सशस्त्र देवी तराई माता को समर्पित है| कगडी पिकअप वियर जो हरे भरे बागानो के लिए जाना जाता है, जो कांगड़ी झील की ओर सुन्दर फव्वारे है| अब्दुल्लापीर एक श्रद्धेय, मुस्लिम दरगाह है जो बोहरा मुसलमानो तीर्थस्थान है| दैलाब झील और अनीकांत बाहुबली मंदिर लोहरिया शामिल है| मानगढ़ हिल एक आदिवासी मेला है, जिसका आयोजन राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश के आदिवासी करते है|

बांसवाड़ा मे करने योग्य बाते

पर्यटक पूरे साढ़े बारह स्वायंभू शिवलिंगो के दर्शन कर सकते है| ‘लिटिल काशी, या लोधिकाशी नाम कमाते है| बारिश का मौसम और झूला प्रपात देखने लायक है|

बांसवाड़ा क्यों जाए

कई उद्यानो , झीलो , सैकड़ो छोटे द्वीपो |

बांसवाड़ा घूमने का सबसे अच्छा समय

यह गर्मियो के दौरान काफी है, इसलिए बांसवाडा की यात्रा का सबसे अच्छा समय अगस्त और मार्च के महीनो के बीच है इस समय मौसम ठंडा और सुहावना होता है|

बांसवाड़ा के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. अब्दुल्ला पीर
  2. तलवाड़ा
  3. मदरेश्वर
  4. आनंद सागर झील
  5. डायलाब झील
  6. माही बांध चेन्च ब्रह्मा मंदिर
  7. त्रिपुरा सुंदरी मंदिर
  8. मदरेश्वर शिव मंदिर
  9. कागडी पिक वियर |

कैसे पहुंचे बांसवाड़ा


सड़क मार्ग द्वारा

राजस्थान के बिभिन्न हिस्सो से बांसवाडा पहुँचने के लिए अच्छी संख्या मे बसे उपलब्ध है|

रेल मार्ग द्वारा

निकटतम रेलवे स्टेशन बांसवाडा से लगभग 80 किमी दूर मध्य प्रदेश के रतलाम मे है|

हवाई मार्ग द्वारा

बांसवाडा का निकटतम हवाई अड्डा उदयपुर (160 किमी) है और अगला निकटतम इंदौर (212 किमी) है|