अलवर

अलवर

"राजस्थान का टाइगर गेट" / अलवर राजस्थान मे अरावली पर्वतमाला मे स्थित है| इसको मत्स्य साम्राज्य के नाम से जाना जाता था| जहाँ पांडवो ने अपना तेरहवां बर्ष निर्वासन मे बिताया था| अलवर कोर्ट को शुरुआत में सिटी पैलेस के रूप में जाना जाता था। यह किलो, झीलो और प्रकृति रिजर्व के लिए प्रसिद्ध है| अरावली पर्वतमाला की हरी – भरी पहाडियो की गोद मे सुन्दर अलवर है, जो अति सुन्दर किलो, बेरोजगार महलो और बंजर भूमि के मीलो से भरा पड़ा है, यह राजस्थान का एक स्थापत्य रत्न है| इसकी स्थापना 1049 मे महाराजा अलघराज द्वारा की गई थी अलवर पर कई राजपूत वंशो – निकुंभ राजपूत, यदुवंशी राजपूत बडगुजर राजपूत और नरुका का शासन था| अलवर किले पर विजय प्राप्त करने वाले एक बहादुर राजपूत सैनिक राव प्रताप सिंह द्वारा आधुनिक अलवर की नीवं राखी गई थी| जब किलो और महलों की बात आती है, तो लोकप्रिय बाला किला, सिटी पैलेस, फ़तेह जंग का मकबरा पुराण विहार और विजय मंदिर पैलेस है| अलवर तीर्थ यात्रा के लिए एक पसंदीदा स्थान है| तिजारा जैन मंदिर, नीलकंठ मंदिर, भर्तृहरि मंदिर और नारायणी माता मंदिर जैसे शहर के हर नुक्कड़ मे कई मंदिर है| अलवर मे कुछ लोकप्रिय पर्यटन स्थल ज्यादातर महल, नीमराना फोर्ट और हिल फोर्ट केस्रोली जैसे रिसॉर्टस है| बड़े कमरे जो बीते युग की महिमा को बनाए रखते है| यह बल्कि सरिस्का टाइगर रिजर्व के लिए भी प्रसिद्ध है| और अपनी जीप सफारी के लिए भी जाना जाता है| यहां पर्यटक काराकल, सुनहरा सियार, धारीदार लकड़बग्घा तेंदुआ, जंगल बिल्ली, चार सींग वाले हिरण जैसे जानवरो को देख सकते है। अलवर के दौरे पर खाद्य प्रेमियो को नरम और मलाईदार कलाकंद (दूध केक) की कोशिश करनी चाहिये| पर्यटको को रबड़ी, गुलाब जामुन, समोसा और कचौरी के साथ कुल्फी का स्वाद लेना चाहिए।

अलवर क्यों जाए

किलो , झीलो , प्रकृति रिजर्व , हरी – भरी पहाडियो , अति सुन्दर किलो , बेरोजगार महलो और बंजर भूमि के मीलो |

अलवर घूमने का सबसे अच्छा समय

अलवर की यात्रा का सबसे अच्छा समय अक्टूबर और मार्च के बीच के महीनो मे है।

अलवर के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. बाला किला
  2. भानगढ़ का किला
  3. केसरोली
  4. सरिस्का राष्ट्रीय उद्यान
  5. सिलिसर लेक पैलेस मोती डूंगरी
  6. सिटी पैलेस|