पश्चिम बंगाल टूरिस्म: आप भी बनाए अपने परिवार के साथ , पश्चिम बंगाल के आसनसोल का और देखे वहा का सबसे अनोखा रहन सहन और संस्कृति..

अगर यहाँ ले इतिहास पर अगर नज़र डाले तो यह शहर पहले के समय में "एसेंसोल" के नाम से जाना जाता था और अब यह आसनसोल के नाम से पहचाना जाता है क्या आप को पता है यहाँ पर सबसे पहले द्रविण लोगो ने रहना शुरू कर दिया था लगभग यहाँ पर जैन धर्म से सम्बंधित  2500 वर्ष पूर्व की गतिविधिया आपको देखने को मिलेगी जैन धर्म के ज्यादातर तीर्थकर यहाँ पर रहते थे| 

आसनसोल शहर के लोग के द्वारा माना जाता है कि यह विष्णुपुर के साम्राज्य का हिस्सा है यहाँ पर रहने वाले लोगो की निवासी बंगाली भाषा तो बोलताय भी है और अंग्रेजी भाषा भी बोलते है और यहाँ का पर लोगो एक दुसरे से प्रेम और आदर के साथ व्यव्हार करते है तथा यहाँ पर लोग अपनी जाती धर्म का पालन करते हुए सभी को शांति से समेटे हुए है |

यह आसनसोल शहर के चीजो मे सबसे खास है यहाँ पर बडे पैमाने पर व्यापार किया जाता है और यहाँ के वाणिज्यिक केंद्र है जो भारत मे सबसे तेजी से जहा पर विकास हो रहा है और यहाँ की अर्थव्यवस्था के तो क्या कहने है

यह शहर भारत के 11 स्थान पर है इसके अतिरिक्त यह यहाँ के प्रमुख इस्पातकोयला उत्खलनऔर यहाँ पर उद्योग और रेलवे पर निर्भर है आपको यहाँ पर घुमने के लिए सुन्दर मंदिर मिल जायेगे जो यहाँ की विरासत है इसके साथ साथ आप यहाँ के पार्को को देखना भूलिए जहा पर झूला और बहुत सारे खेल होते है | यहाँ की भव्य नदी जिसके किनारे पर बड़े बड़े पेड़ जिसे देख कर आप कहेंगे ये कहाँ आ गए हम ... है आसनसोल शहर जो दो नदियों के बीच बसा है | यह दामोदर नदी और अजय नदी यहाँ के पर्यटन मार्ग आपको चौका देगे जिससे आपका भरपूर मनोरंजन हो जाएगा

एक नजर आसनसोल - पश्चिम बंगाल की संस्कृति पर एक नज़र 

यहाँ की संस्कृति अनमोल है और  यहाँ के निवासी म्यूजिक के बहुत शौकीन है और वे नाचने का भी बेहद शौक रखते है | यहाँ आसनसोल में ट्रेडिशनल प्रोग्राम प्रेमियों के लिए ज्यादातर सांस्कृतिक प्रोग्राम यहाँ पर बहुत सारी कार्य शालाएँ होती है | जहाँ पर द्रविण शैली के आस्था केंद्र और नगर शैली द्रविण शैली का अच्छा समवय है |

सबसे अलग है आसनसोल के त्यौहार

दोस्तों यहाँ पर कोई भी उत्सव  हो चाहे वो छोटा उत्सव हो या बड़ा बहुत हो उल्लास और धूम धाम से ख़ुशी के साथ मिलकर  मनाते है | पूरे देश विदेश से लोग यहाँ पर दुर्गा पूजा का त्यौहार मनाया जाता है यह त्यौहार यहाँ की संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक है| यहाँ पर लोग माँ दुर्गा का अखाड़े और सभी मंदिरों की सजावट देखने लायक होती है यहाँ पर यह उत्सव दिवाली की तरह मनाया जाता है| जिसमे लोग बड़ी संख्या मे नाचते गाते है और प्रोग्राम करते है यहाँ कई सारे उत्सव मनाये जाते है तथा काली पूजा नाबा ब्राशो चरक पूजा कई प्रकार की पूजा होती है |

विक्यात कल्याणेश्वरी देवी मंदिर जहाँ पूरी होती है सबकी मुराद

यहाँ पर माँ  कल्याणेश्वरी देवी का मंदिर भी है जो यहाँ का विक्यात मंदिर है है जहाँ  भारी मात्रा मे यहाँ पर श्रधालुओ की भीड़ लगी रहती है जो यह आसनसोल से ज्यादा दूर नहीं है और मैथन बाँध के पास मे बना है लोग यहाँ पर बड़ी आस लेकर माँ से विनती करने आते है जो झारखण्ड की सीमा पर धार्मिक स्थल बसा हुआ है |

आसनसोल के प्रमुख पर्यटन स्थल

आसनसोल के प्रमुख पर्यटन स्थलों में सबसे शांति वाला द सेक्रेड हार्ट चर्च है जो जिसे बिर्तिशो की मदद से बनाया गया है यहाँ पर इसको बनाने की सारी सामग्री ब्रिटिश लोगो की है | ये पूरा चर्च ब्रिटिश नुमा बना है जिसमे लाल रंग और नारंगी ईट है जो जले हुए रूप को दर्शाती है और सफ़ेद क्रोस सरसराहट के लिए प्रदर्शित है यहाँ पर इस चर्च की रास्ता सड़क से मिली होने के कारण बहुत असं है आप यहाँ पर ईसाई धर्म की सजावाट देखने जरूर जाए |