places to visit in odisha

अगर आप धार्मिक प्रवति के है और जैसा की हमने बचपन मे टेलीवीजन पर जगन्नाथ यात्रा के रथ को तो जरुर देखा होगा , तो चलिए आज हम आपको उस स्थान के बारे मे बताने जा रहे है जहाँ ये सब होता है जी हा उस स्थान का नाम है उड़ीसा जो भारत का यह बहुत ही सुन्दर और मनमोहक याद दिलाने वाला प्रदेश है और मेरा यह मानना है अगर आप इस प्रदेश की यात्रा करेंगे तो आप इस यात्रा को कभी भूल नहीं पाएंगे | जैसा कि हम जानते है कि उड़ीसा का मतलब सुन्दरता और सुन्दरता का मतलब उड़ीसा यानि सिर्फ एक शब्द मे हम उड़ीसा को व्यक्त नही कर सकते बल्कि इसे व्यक्त करने मे काफी समय लग जायेगा| उड़ीसा के धार्मिक स्थल जैसे कि कोर्णाक का विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर , जगन्नाथ पुरी इत्यादी है जहाँ जाकर आप आनंद की अनुभूति करेगे | जगन्नाथ पुरी यात्रा मे लाखो की तादाद मे श्रद्धालु आकर इस यात्रा मे अपना योगदान देते है और भगवान जगन्नाथ के रथ को अपने स्थान पर पहुंचाते है|

ओड़िसा मे यात्रा करने के लिए कई स्थान मिलेगे | जैसे: रायागडा, पुरी भुवनेश्वर , कोर्णाक , कटक आदि | रायागडा राज्य की दक्षिण पूर्वी सीमा पर स्थित है | पुरी जगन्नाथ मंदिर के कारण हिन्दुओ के लिए चार तीर्थ यात्रा स्थलो मे से एक है जो भारत मे चार धाम का हिस्सा है पुरी के पास बहुत सी जगहे है जिनमे से एक को जाना चाहिये | जैसे चिलिका झील, पुरी बीच, गुंडीचा घर और कोर्णाक का बहुत प्रसिद्ध सूर्य मंदिर है | भुवनेश्वर, भारत का मंदिर शहर, जो कभी अपनी वास्तुकला और भव्य मंदिरो के लिए जाना जाता था, इनमे लिंगराज मंदिर और परशुरामेश्वर मंदिर देश के सभी हिस्सो के पर्यटको को आकर्षित और आकर्षित करते है। उड़ीसा राज्य मे कोणार्क का सूर्य मंदिर भारत के सबसे सुंदर स्मारको मे से एक है। 

भुवनेश्वर

‘टेम्पल टाउन, और ओडिसा की राजधानी होने के कारण एक खूबसूरत शहर है | इसे "टेम्पल सिटी ऑफ़ इंडिया" भी कहते है | भुवनेश्वर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बहुत ही रोचक शहर है। यह आपको पुराने शहर के पवित्र केंद्र मे ले जाने की अनुमति देगा,यह भारत का मंदिर शहर जो कभी अपनी वास्तुकला और भव्य मंदिरो के लिए जाना जाता था | भुवनेश्वर सुंदर ऐतिहासिक मंदिरो से भरा प्राचीन शहर है जो देश के तीर्थयात्रियो और पर्यटको को आकर्षित करता है | धार्मिक पर्यटन का केन्द्र रहा है यहाँ सदियो पहले बने कई राजसी मंदिर है इनमे लिंगराज मंदिर और परशुरामेश्वर मंदिर अद्भुत बौद्ध शांति पैगोडा धौला गिरि हिल्स देश के सभी हिस्से के पर्यटको को आकर्षित करते है|

कटक

प्राचीन स्मारको के आलावा कटक में पर्यटको के आकर्षण की एक विस्तृत श्रंखला है , कटक को पूर्ण वाणिज्यिक राजधानी और ओड़िसा के सबसे पुराने शहरो में से होने के नाते आपको प्राचीन वस्तुओं , स्मारको और हस्तशिल्प की भूमि परिचित करता है मध्ययुगीन युग मे बनारसी कटक के रूप में जाना जाता है और वर्तमान में सिल्वर सिटी के , यही कारण है कि इसने शहर को पर्यटन की द्रष्टि से उत्कृष्ट पर्यटन में शुमार किया है

पुरी

एक विशेष धार्मिक आस्था वाले लोगो के लिए पुरी प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर और सूर्य मंदिर को ध्यान में रखा जा सकता है कनिंघम के अनुसार इस शहर का प्राचीन नाम चारित्र था जिसका उल्लेख चीनी तीर्थयात्री ह्वेन त्सांग ने चे-ली-ता-लो के रूप में किया था। लेकिन चारित्र के रूप में चे-ली-ता-लो शब्द की बहाली और पुरी शहर के साथ इसकी पहचान संदेह के लिए खुली है।भारत के पूजनीय चार धामों में से एक के कद को धारण करते हुए यह शहर पुरी एक पर्यटक स्थल के जादू से भर जाता है जो पलक झपकते ही दिल जीत सकता है | यह केवल तब होता है जब भगवान के नाम का जाप करते हुए पुरी के कई तीर्थो की यात्रा करता है ताकि उसे आत्मा में शांति का एहसास हो जाए | जो बदलते दिन के साथ शहर अपने यात्रियों के लिए नया अनुभव लाता है |

कोणार्क

कोणार्क सूर्य मंदिर भारत के ओडिशा राज्य में कोणार्क सूर्य मंदिर है जो लगभग 35 किलोमीटर उत्तरी पूर्व में कोणार्क में बना सूर्य मंदिर है जिसका वहां पर विशेष महत्व है यह मंदिर चंद्रभागा नदी के किनारे बना हुआ है जिसको लगभग 13 वी शताब्दी में बनाया गया है जो भगवान सूर्य देव जी को समर्पित है इस मंदिर के मुख्य द्वार पर जब आप मंदिर के अन्दर जब प्रवेश करीगे तो दोनों तरफ शेर बने हैं जो हाथी को कुचलते हुए हुए दिखाए देते है और सुन्दर लगते है यह भारत की एक विश्व धरोहर में से एक मंदिर है जिसको 1984 में यूनेस्को ने की थी इस मंदिर को देखने के लिए हमेशा पर्यटकों की भीढ़ उमड़ी रहती है कोणार्क मंदिर में सूर्य की पहली किरण सीधे मुख्य प्रवेश द्वार पर पड़ती है

संबलपुर

संबलपुर व्यापक रूप से संबलपुरी साड़ी के लिए जाना जाता है जो वहां की महिलाओ द्वारा पसंद की जाती है | शहर कभी दूसरी शताब्दी मे हीरा व्यापक केन्द्र था इसलिए हीराकुंड या लैंड ऑफ डायमंड्स के रूप मे भी जाना जाता था | यह विपुल नदियो , भव्य पहाडियो , हरे _ भरे जंगलो और सम्रध वन्यजीवो मे मिलता है | संबलपुर अपने हथकरधा और कपड़ा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है गोल बाजार मुख्य शौपिंग सेंटर है शहर में कई दुकाने है लेकिन सबसे प्रसिद्ध दुकानो को गोले बाजार मे देखा जा सकता है| मोदिपारा रोड पर सिटी सेंटर मौल मे एक उभरता बड़ा बाजार और पूरा परिसर है |

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