जयपोर

जयपोर

यह उड़ीसा के ऐतिहासिक शहरो मे से एक है| यह कोरापुट जिले का सबसे बड़ा शहर है| एक पुराना महल, पुराने स्कूल और कोलाज होने से शहर आकर्षक हो जाता है| दक्षिण ओडिशा के ब्रहमपुर और भारत के ओडिशा के कोरापुट जिले के उप _ मंडल के बाद ये सबसे बड़ा शहर है| भुवनेश्वर, कटक, संबलपुर, राउरकेला, बाला, पुरी और ब्रहमपुर के साथ – साथ जयपोर ओडिशा के प्रमुख स्थानो मे से एक है| जयपोर को उड़िया मे जॉयपुर के रूप मे उच्चारित किया गया है जिसका शाब्दिक अर्थ है ‘’जीत का शहर’’| प्रक्रति ने इसे उदारतापूर्वक झरने और घने हरे जंगलो से मुक्त किया है| यह पूर्वी घाट की पहाडियों और तीन तरफ से अधिक प्रसिद्ध अराकू पहाडियों से गिरी हई है जैसे कि पश्चिमी भारत मे छत्तीसगढ़ तक खुलने वाले पश्चिमी किनारे के साथ घोड़े की नाल| यह जिला और दक्षिणी ओडिशा के लिए व्यापारिक केन्द्र है| उड़ीसा के दक्षिणी भागो मे जयपोर राजधानी भुवनेश्वर से 500 किलोमीटर से अधिक है|

जगन्नाथ सागर

यह एक बड़ा तालाब है इसलिए इसे सागर के नाम से जाना जाता है| यह ऐतिहासिक झील अब निवासियों का पसंदीदा स्थान है| एक मनोरंजन पार्क इसके किनारे विकसित किया गया है यहाँ एक टॉय ट्रेन है और नौका विहार की सुविधा भी उपलब्ध है| झील के कई छोटे हिस्से एक्वा कल्चर के लिए उपयोग किए जाते है| यह मार्निंग वाकर्स के लिए पसंदीदा स्थान है|

जयपोर पैलेस

जयपोर शहर के केन्द्र मे और मुख्य सड़क के एक छोर पर जयपोर राजा का एक पुराना महल है| पैलेस के सामने रघुनाथ मंदिर है| इसकी मुख्य सड़क पैलेस से शुरू होकर और सरकार के बस अड्डे पर समाप्त होती है| इसका पुराना शहर केवल इस महल के आसपास आया था| अभी भी संकरी गलियां और किले की दीवारे जयपोर के पिछले इतिहास की झलक देती है|

जयपोर क्यों जाए

झरने, वास्तुकला, इतिहास , घने हरे जंगल, देवमाली और गुप्तेश्वर गुफा

जयपोर के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. कोलाब बॉटनिकल गार्डन
  2. गुप्तेश्वर गुफाएं
  3. राजा महल
  4. देवमाली और गुप्तेश्वर गुफा