राजधानी:
भुवनेश्वर
स्थान:
पूर्वी भारत
ओडिशा घूमने का सबसे अच्छा समय:
ओडिशा की यात्रा के लिए नवंबर और फरवरी के बीच एक आदर्श समय है।
ओडिशा क्यों जाएँ ?:
मंदिरों की धरती से प्रसिद्ध, जगन्नाथ रथ यात्रा, तीर्थयात्रा (चारधाम यात्रा), कम भीड़ वाले समुद्र तटों के लिए, मेला और त्योहार, वन्यजीव, झीलें (चिलिका झील), आदिवासी पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, मौर्य शासक अशोक के कलिंग शासन के लिए, संगीत, नृत्य, कला, शिल्प और ऐतिहासिक स्मारक इस राज्य की समृद्ध संस्कृति और परंपरा के लिए
भाषा:
ओरिया

ओडिशा का इतिहास विश्व प्रसिद्ध है क्योकि इसका इतिहास अशोक सम्राट से जुड़ा हुआ है | पहले के समय में ओडिशा को कलिंग के नाम से जाना जाता था यही पर अशोक सम्राट विजय प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे थे | तभी उन्होने जीत हासिल कर ली,लेकिन युद्ध में काफी लोग मारे भी गए तब उन्ही वीर जवानों की पत्नी अपने बच्चो के साथ लड़ने के लिए भी युद्ध में पहुँच गयी यह सब देखकर सम्राट को अच्छा नहीं लगा वो बहुत दुखी हुए तभी उन्होने दुबारा हिंसा न करने का प्रण लिया | ओडिशा भारत का 11 व सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला देश है |

स्वाद का खजाना ओडिशा

ओडिशा का भोजन स्वाद का खजाना है | ओडिशा अपने स्थानीय व्यंजनों की तुलना में समान रूप से समृद्ध है। यहाँ का खाना स्वाद के साथ पोष्टिकता से भरा होता है|अगर आप ओडिशा की यात्रा पर जा रहे है तो वहा के इस लजीज स्वाद का आनंद जरूर लेना चाहेगें। यहाँ खिचडी,चुंगडी मलाई,मचा घांत,दाल्मा,पखला भाटा,गुप्चप,ही वाडा-आलू दम,छेना पोडा,कनिका,पुलाफ,सनतुला,चातु राय,आलू पोटाला रस,कदली मंजा राय,ओडिशा के खाने में यह सरल सौंदर्य पकवान आलू, कद्दू, केला और पपीता का मिश्रण है।

Most Viewed