रीवा

रीवा

जिले का नाम रीवा शहर से है जो जिला मुख्यालय है, जो नर्मदा नदी का दूसरा नाम है| अब जिले मे शामिल क्षेत्र शाही मौर्य वंश के पास थे जो तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व मे शासन करते थे| यह क्षेत्र 9 वीं से 12 वीं शताब्दी के तक और 13 वीं शताब्दी मे सुल्तान अलाउद्दीन के भाई उलूग खान ने बघेला राजा को पूर्व मे क्षेत्र में भगा दिया, जहाँ उन्होंने रियासत की स्थापना की थीं| यह राजवंश अंतिम उत्तराधिकारी मार्तड सिंह तक जारी रहा जिन्होंने भारत के प्रभुत्व के लिए 1947 से पहले शासन किया| वर्तमान रीवा जिला 1950 मे अस्तित्व मे आया जब प्रान्तों और राज्यो के आदेश को लागू किया गया था| जब दर्जनो खूबसूरत झरने, असंख्य ऐतिहासिक किले और व्हाइट टाइगर जैसे अद्वितीय जानवर एक स्थान पर मिलते है तो क्या होता है ? आपको इस नाम की एक जगह मिलती है| दो अद्वितीय और असंभावित दुनिया के साथ – प्रकृति और इतिहास – एक जगह पर बैठक, रीवा पर्यटन वास्तव में मध्य प्रदेश के अन्य सभी प्रतिस्पर्धी जिलो में से एक है| केओटी फॉल्स यह सुन्दर झरना वास्तव में झरना कितना लुभावना है| यह भारत के सबसे ऊँचे और सुन्दर झरनो मे से एक है इस स्थान दूर – दराज के पडोसी राज्यो के हजारों पर्यटक यहाँ आते है| चचाई वाटर फॉल केओटी फॉल्स की तुलना मे बहुत कम लोकप्रिय हो सकता है, लेकिन यह केटी से कम सुंदर और लुभावनी नही है।पुरवा जलप्रपात एक और सुन्दर झरना है| जंगल के बीच यह क्षेत्र के अन्य झरनो की तुलना मे कठिन है| वेंकट भवन यह ऐतिहासिक महल मूल रूप से वास्तुकला और रीवा के सुनहरे इतिहास के सौन्दर्यशास्त्र को एक साथ लेकिन वास्तव मे अत्यधिक सुन्दर वास्तुकला इसके समर्ध इतिहास पर पूर्वता इसके वास्तुकला का मंत्रमुग्ध पभाव महसूस किया जा सकता है|

2 shoping in rewa

यहाँ शिल्पी प्लाजा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स है| यह कोई साधारण शॉपिंग कॉम्प्लेक्स नही है, क्योकि यह पूरे मध्य प्रदेश मे सबसे बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स मे से एक है| यह वास्तव मे किसी भी दुकानदारी के लिए परम स्वर्ग है|

रीवा क्यों जाए

खूबसूरत झरने , असंख्य ऐतिहासिक किले और व्हाइट टाइगर |