सेंट एंजेलो किले का निर्माण भारत के पहले पुर्तगाली वायसराय द्वारा किया गया था यह कालीकट अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 110 किलोमीटर और कन्नूर रेलवे स्टेशन से 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। किला आकार मे त्रिकोणीय है और एक विशाल भव्य संरचना के रूप मे जो निर्मम समुंद के किनारे पर खड़ा है| समुंद्र से किले को अलग करने वाली समुंद्र की दीवार मोपिला खाड़ी के लुभावने द्रश्य प्रदान करती है| परिसर मे आराम से चलने के लिए किले पर जाएँ और अरब सागर के शानदार द्रश्यो का आनंद ले| किले की राजसी दीवारो के चारो ओर घूमना और अरब सागर की दुर्घटनाग्रस्त लहरो मे घूरना, कन्नूर के इस विचित्र हिस्से मे इसके अच्छी तरह से संरक्षित खँडहर हजारो पर्यटको को आकर्षित करते है| ब्रिटिश द्वारा डच और लाइटहाउस द्वारा मिर्मित गढ़ वर्तमान दिन की संरचना की प्रमुख विशेषताएं है| मूरत, मजबूत, गोला – बारूद डंप भूमिगत जेल और गुप्त सुरंगे वास्तुशिल्प योजना की याद दिलाती है जो इस सैन्य अड्डे के निर्माण मे चली गई|