मंगलौर

मंगलौर
सुरम्य शहर मंगलौर को देवता मंगलदेवी के नाम पर रखा गया है पश्चिमी घाटों और अरब सागर की निराली पहाड़ियों से वादियों से सजा हुआ मैंगलोर का पर्यटन पर्यटकों की पहली पसंद है वर्ष में अनगिनत लोग यहाँ पर भारी संख्या में घुमने के लिए यहाँ पर अपनी छुट्टियों को यादगार बनाने के लिए आते है | यात्री इस शहर में मंगलादेवी मंदिर, कादरी मंजूनाथ मंदिर, सेंट अलॉयसियस चैपल, सोमेश्वरा समुद्र तट, और तनिरबावी समुद्र तट जैसे स्थानों की सैर करने के लिए विशेष रूप से आते है मंगलौर की संस्क्रती सभी पर्यटकों का मन अपनी तरफ आकर्षित करती है |

मंगलौर क्यों जाए

मैंगलूर शहर में जाकर समुद्र तटों, पहाड़ों, झीलों और उद्यानों,विरासत ,महोत्सव , बंदरगाह,संस्कृतियों र प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत खेल है |

मंगलौर घूमने का सबसे अच्छा समय

सर्दियों का मौसम - दिसंबर और जनवरी तक आप मैंगलूर की यात्रा कर सकते है


कैसे पहुंचे मंगलौर


सड़क मार्ग द्वारा

जहाँ से नजदीकी शहरों जैसे मैसूर, बेंगलुरु, ओटी, आदि के लिए बसें उपलब्ध हैं। शहर के भीतर यात्रा करने के लिए कई स्थानीय बसें और टैक्सी भी उपलब्ध हैं।एनआईटीके मंगलौर और मंगलौर बाय पास दो प्रमुख बस स्टॉप हैं |

रेल मार्ग द्वारा

भारत के सभी प्रमुख शहरों से जोड़ता मैंगलोर में एक रेल-हेड है, मैंगलोर जंक्शन और मैंगलोर सेंट्रल दो स्टेशन हैं, जो शहर में स्थित हैं।

हवाई मार्ग द्वारा

मैंगलोर बाजपे हवाई अड्डा निकटतम हवाई अड्डा है दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद सहित भारत के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों से जोड़ता, जो मुख्य शहर से लगभग 10 किमी दूर बना हुआ है।