कुशालनगर

कुशालनगर
जिले के पूर्व में कर्णाटक की विशाल भूमि पर बना कुशाल नगर जो बौद्ध तीर्थ शहर के लिए फेमस है यहाँ के बारे में ऐसा कहा जाता है की इस शहर में 3 और 5 वीं शताब्‍दी के कई प्राचीन स्‍तुप और विहार बने है। स्‍मारकों को मौर्य सम्राट अशोक के द्वारा तैयार करवाया गया यह नगर, उत्‍तरप्रदेश में एक महत्‍वपूर्ण पर्यटन स्थल माना जाता है |चिकलीहोल जलाशय और हेरूर, डबरे एलिफेंट कैंप का आनंद वाला होता है कुशीनगर प्राकृतिक हरे भरे पर्यावरण का जीता जागता प्रमाण है बौद्ध धर्म के ग्रंथों के अनुसार, गौतम बुद्ध ने अपनी मृत्‍यु के बाद पारिनिर्वाण को हीरान्‍यावती नदी के पास प्राप्‍त किया था। कुशालनगर नाम का अर्थ है 'ग्लेडनेस का शहर', माना जाता है कि इसका नाम हैदर अली है।

कुशालनगर क्यों जाए

बुद्ध लोगो की स्मारक कुशाल नगर की अनोखी संस्क्रती वहां का पर्यावरण सबसे आकर्षण वाला होता है |

कुशालनगर घूमने का सबसे अच्छा समय

अक्टूबर से मार्च


कैसे पहुंचे कुशालनगर


सड़क मार्ग द्वारा

(30 किलोमीटर) जैसे कई शहरों से कुशालनगर तक पहुंचाती कई KSRTCऔर निजी बसें हैं जो मैसूर और बैंगलोर राजमार्ग के मार्ग पर मदिकेरी

रेल मार्ग द्वारा

मैसूर जंक्शन कुशालनगर पहुंचने के लिए निकटतम रेलहेड (87.3 किलोमीटर), हसन रेलवे स्टेशन (75 किलोमीटर) और सकलेशपुर रेलवे स्टेशन (80 किलोमीटर)

हवाई मार्ग द्वारा

कुशालनगर पहुँचने के लिए निकटतम हवाई अड्डे (101.6 किलोमीटर) और मनागलोर हवाई अड्डा (173.9 किलोमीटर)