बीजापुर

बीजापुर

मेरे प्रिय साथियों आज कल हम लोग अपनी अलग ही दुनिया में खोये रहते है काम की टेंशन को लेकर घर की टेंशन को लेकर हम लोग काम को छोड़ कर कही भी घूमने को मन बना कर भी छुट्टी के डर से कही भी नहीं जाते है लेकिन अगर कोई स्थान पास में ही हो तो हम कम समय भी घूमने का प्लान बना सकते है |

अपने दक्षिण भारत की सबसे पहचानी जाने वाली इमारतो में से एक है यह धरोहर है बीजापुर की गोल गुम्बज नुमा (सर्कल डोम) है जो अपनी एतिहासिकता ,संस्कृति का जीता जागता प्रमाण है | जो इस युग की अन्य स्मारकों के लिए प्रसिद्ध है | पहले बीजापुर को लोग विजयपुरा के नाम से भी जानते थे |  बीजापुर 10 वीं -11 वीं शताब्दी में निर्मित मशहूर जगह है जो सभी लोगो के दिल को भा जाती  है बीजापुर कर्नाटक राज्य का एक प्राचीन शहर है जगह पर इस्लामी वास्तुकला के लिए अनूठा रूप है यहाँ पर भारत की सबसे बड़ी गुमबत है यहाँ पर पर्यटक को हर समय इस इमारत को देखने के लिए ताता लगा रहता है | यहाँ पर लोग आदिल शाही शासकों द्वारा बनाए गए विभिन्न स्मारकों से आकर्षित हुए हैं, जिन्होंने 15 वीं और 17 वीं शताब्दी के बीच बीजापुर पर शासlन किया था।

इब्राहिम का रौजा

बीजापुर में स्तिथ इब्राहिम का रौजा भी है जिसको ताजमहल के डिजाइन को प्रेरित करने वाली इमारत कहा गया है | यह रोजा यहाँ पर  इब्राहिम रौजा, सुल्तान इब्राहिम आदिल शाह द्वितीय और उनकी रानी का मकबरा है। जो मुस्लिम वास्तुकला का एक चमत्कार है इस रोजे को देख कर आप की आंखे गड़ी रह जायेगी इस का आकर्षण लोगो को अपना दीवाना बना देता है |

मलिक-ए-मैदान

साथियों मलिक-ए-मैदान का अर्थ होता है मैदानों का  मुखिया या राजा  यहां दुनिया में सबसे बड़ा मध्यकालीन तोप है जिसका वजन 55 टन है और यह 4 मीटर लंबा है। यहाँ के लोग जब बंदूकधारक को भारी आवाज से अपने कानों की रक्षा करने के लिए एक पानी की टंकी में डुबकी लेनी पड़ती थी। यहाँ का बहरी व्यास 1.5 मीटर से ऊपर है जिसको शेर के सिर का आकार दिया गया है |

जामी मस्जिद       

यह मस्जिद दक्षिणी भारत में सबसे पुरानी और सबसे बड़ी मस्जिद, कहलाती है | बीजापुर के आकर्षण स्थलो मे से प्रसिद्ध दर्शनीय स्थल है। जिसको  विभिन्न प्रकार की मूर्तियों से सजाया गया है | यह स्थान  विजयनगर किंग्स को पराजित करने के बाद अली आदिल शाह प्रथम द्वारा बनाई गई थी। मस्जिद में 116,300 वर्ग फुट का क्षेत्र शामिल है | जो सबसे शाही अंदाज में बनी मस्जिद है |