मक्लिओडगंज

मक्लिओडगंज
अपने भारत का सबसे सस्ता और आस्था की अटूट कड़ीयो से जुड़ा मैकलोडगंज जहा पर देश विदेश से आते है पर्यटक दर्शन के लिए तो आप भी अपना समय निकाल कर जाए मनोकामना को लेकर मैकलोडगंज | दोस्तों चाहे भारतीय हो या विदेशी लो सभी का भगवान् मे विश्वास होता है सभी धर्मो के लोग अपने देवता की पूजा करते है और उन पर भरोसा भी करते है तो साथियों ऐसा ही यहाँ पर अपने भारत में यह मैकलोडगंज है जो बहुत ही प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है | दोस्तों अपना हिमाचल प्रदेश का इतिहास सिन्धु घाटी सभ्यता के समय का बहुत ही पुराना इतिहास है | और यहाँ पर वैदिक काल में जनपद के नाम से पहचाना जाने वाला एक छोटा सा गणराज्य देश यहाँ पर बसा हुआ था और फिर यहाँ जिसपर बाद में गुप्त साम्राज्य के लोगो ने अपना कब्ज़ा कर लिया था |और फिर राजा हरिशचंद्र के लोगो ने, लंबे समय तक राजपूतो की अगुवाई में इस कस्थान को छोटे-छोटे भागो में बाट दिया था और तभी इस हिमाचल को बड़े पैमाने पर पूर्ण रूप से स्वतंत्रता मिली और फिर 10 वी शताब्दी के शुरू में ही यहाँ पर महमूद घजनवी ने काँगड़ा को अपने कब्जे में कर लिया | और राजा सिकंदर तिमुर ने लोधी राज्य के निचली पहाड़ी का स्थान अपने कब्जे मे कर लिया और इस समय मे भी इन राजाओ कई विशाल किले और इमारतो को भी हड़प लिया और फिर 15 अप्रैल 1948 को 28 राज्यों को पश्चिम हिमालय मे जोड़ दिया गया तभी से यहाँ पर शिमला की पहाड़ी और चार पंजाब दक्षिणी पहाड़ी को यहाँ के राज्य के नाम दे गया था और हिमालय को देवी देवताओ की भूमि कहा जाता था | हिमाचल प्रदेश में मैकलोडगंज एक हिल स्टेशन है ह्जो धर्मशाला के पास स्थित एक हिल स्टेशन है, जो घूमने के लिए बेहद अच्छा है और यहाँ पर रहना बहुत ही सस्ता है। और घूमना भी पर यहाँ आध्यात्मिक से भरा एक नेता दलाई लामा का निवास है। और यहाँ घुमने वाले लोगो को यहाँ की प्राकृतिक नजारों से भारी एक डल झील, है और मंदिरों और यहाँ मंदिर मठो का भ्रमण भी आप कर सकते है |और यहाँ के ट्रेकस के बीच मे बना काफी फेमस है और यहाँ की संस्कृति तो ब्रिटिश के और तिब्बती का मिला हुआ मिश्रण है |मैकलोडगंज एक ल्हासा के नाम से भी यहाँ के लोग जानते है और यहाँ पर सुन्दर सुन्दर तिबत्त्तियो की झोपडी और बस्तिया बनी है यहाँ पर राजसी पहाड़िया और हरियाली की तो खुशबू फैली हुई है | और यहाँ की मठो में नामग्याल मठ और त्सुगलाखंग भी शामिल हुई है |