कांगड़ा

कांगड़ा

कांगड़ा उन सभी लोगो के लिए जगह है जो कायाकल्प और विश्राम की तलाश मे है यदि हिल स्टेशनों पर जाना आपके लिए छुट्टी का विचार है, तो कांगड़ा की गर्मी को मात देने के लिए आपके लिए एकदम सही जगह हो सकती है।कांगड़ा बहुत ऊँचाई पर बसा एक छोटा हिल स्टेशन है कांगड़ा जिले को देव भूमि भी कहा जाता है क्योंकि इसमे कई मंदिर है जो सनातन धर्म के बिभिन्न देवताओ को समर्पित है भारत भर से भारी संख्या मे भक्तो को आकर्षित करता है| देवी शक्ति और वर्चस्व के सबसे अच्छे उदाहरणो मे से एक बजरेश्वरी देवी मंदिर है जो कांगड़ा जिले मे स्थित है। मंदिर देवी सती या शक्ति के 51 शक्तिपीठो मे से एक है। कांगड़ा मे बैजनाथ शिव मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। माना जाता है कि मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। कांगड़ा मे और उसके आसपास कई अन्य मंदिर है, अर्थात् चिंतपूर्णी मंदिर, चामुंडा देवी मंदिर, ज्वालामुखी, आदि।यहां तैराकी के अलावा विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स जैसे कैनोइंग, रोइंग, नौकायन और वाटर स्कीइंग का आयोजन किया जाता है। कांगड़ा अपने डिजाइनर शॉल और लघु चित्रो के लिए भी प्रसिद्ध है।चिलचिलाती गर्मियो के दौरान या सर्दियो के दौरान अपनी स्वर्गीय सुंदरता का आनंद लेने के लिए कांगड़ा की यात्रा पर जाते है।

2. साहसिक गतिविधियाँ

1. महाराणा प्रताप सागर झील के लिए तैराकी के अलावा बिभिन्न वाटर स्पोर्ट्स जैसे कैनोइंग, रोइंग, नौकायन और वाटर स्कीइंग का आयोजन होता है|

2. कांगड़ा घाटी अभी तक पर्वतारोहण, ट्रेकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग और मच्सली पकड़ने जैसी साहसिक और खेल गतिविधियो में शामिल होने के लिए एक प्रसिद्ध स्थान है यह इस घाटी है जो प्रतिबर्ष ग्लाइडिंग रैली का आयोजन करती है|

3. मौसम और जलवायु

ग्रीष्मकाल (अप्रैल से सितंबर): 22 ° C-38 ° C

सर्दियां (अक्टूबर से मार्च): 0-20 ° C.

कांगड़ा क्यों जाए

तैराकी के अलावा विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स , कैनोइंग, रोइंग, नौकायन , वाटर स्कीइंग |

कांगड़ा घूमने का सबसे अच्छा समय

सितंबर से जून |

कांगड़ा के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. बजरेश्वरी देवी मंदिर
  2. बैजनाथ शिव मंदिर
  3. चिंतपूर्णी मंदिर
  4. चामुंडा देवी मंदिर
  5. ज्वालामुखी |