किरंदुल

किरंदुल

किरंदुल छत्तीसगढ़ के दंतेबांडा जिले मे एक छोटा शहर है यह बस्तर रियासत का हिस्सा था| और काकतीय वंश के राजा अन्नम देव के अधीन था| किरंदुल अपनी समर्ध लौह अयस्क खदानो के लिए जाना जाता है| जो १९५५ – ६६ मे जापानी स्टील मिल्स ने पाया था| किरंदुल घने जंगल, पहाडियो और झरने से घिरा हुआ है इसके आसपास के कुछ क्षेत्र दंतेश्वरी मंदिर है जो देवी सती, बतिसा मंदिर, जो शिव मंदिर बैलाडीला लौह अयस्क को समर्पित है जिसे १९५५ मे खोजा गया था और यह 40 किमी कडाम्प्ल टेलिंग डैम और किरंदुल आयरन ओर माइंस मे फैला हुआ है| इस जगह यात्रा करने के लिए शीर्ष स्थान देखने और करने के लिए चीजे देखना, मानचित्र देखना, रेस्तरां, होटल, पास के पर्यटन स्थल स्थानीय सार्वजनिक जानकारी और बहुत कुछ है| रायपुर एयरपोर्ट किरंदुल शहर का निकटतम हवाई अड्डा है किरंदुल ईस्ट कोस्ट रेलवे लाइन का एक हिस्सा और टोपोकल से रेल लाइन पर टर्मिनस स्टेशन है| किरंदुल से छत्तीसगढ़ राज्य के बिभिन्न हिस्सों और अन्य प्रमुख शहरो से सीएसआरटीसी बस की सेवाओं से आसानी से पहुंचते है|

2. main attraction

बतिसा मंदिर किरंदुल भगवान शिव को समर्पित मंदिर एक वास्तुशिल्प चमत्कार है| इसमे आठ स्तम्भ और चार पंक्तियां मंदिर का सममित डीजाइन आकर्षक और शहर की समर्ध विरासत का प्रमाण है| किरंदुल लौह अयस्क खान लोहे की बेहतर गुणवत्ता का एक विशाल भन्डार है, जिसे पूरे देश मे कारखानो और उद्योगो मे पहुंचाते है| कदम्पल टेलिंग डैम किरंदुल मे स्थित है एक टेलिंग डैम है जोकि लोहे की खदानो के असंसाधित अवशेषो पर बनाया गया है इस डैम का निर्माण मुख्य रूप से शहर को सिंचाई के लिए बिजली और पानी उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है|

3. shopping

4. स्थानीय बाजार

बतिसा मंदिर

दंतेश्वरी मंदिर

5. मनोरंजन के स्थान

किरंदुल मे मॉल, मल्टीप्लेक्स और मनोरंजन पार्क उपलब्ध नही है।

किरंदुल क्यों जाए

घने जंगल , पहाडियो , झरने से घिरा |

किरंदुल के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. दंतेश्वरी मंदिर
  2. देवी सती
  3. बतिसा मंदिर
  4. शिव मंदिर |