बस्तर

बस्तर

बस्तर पैलेस एक प्राचीन निर्माण है| जब बस्तर के राजाओ ने अपनी राजधानी को जगदलपुर स्थानांतरित कर दिया था| महल वास्तुकला मे समर्ध है| और यह शासको की वीरता की कहानियो को बताता है| जिन्होने भूमि पर शासन किया| इस खूबसूरत क्षेत्र को उत्कृष्ट प्राक्रतिक सुंदरता से नवाजा गया है जो इस स्थान के कारण यात्रियो को आकर्षित करता है| बस्तर क्षेत्र अपने वनो के लिए भी प्रसिद्ध है| जो बांस, साल, सागौन, लकड़ी, शीशम और बीजा से लदे हुए है| बस्तर “छत्तीसगढ़ के कश्मीर’’ के रूप मे प्रसिद्ध है क्योंकि पूरा क्षेत्र हरे भरे पहाड़ो, सुंदर झरनो और धाराओ और प्राकर्तिक गुफ़ाओ की एक बहुतायत से घिरता हुआ है| यह भारत के आदिवासी क्षेत्रो मे से एक है| बस्तर, केरल राज्य से भी बड़ा और यूरोप के कुछ देशो मे भी था। इंद्रावती और गोदावरी नदियो के जल से सिंचित इन वनो मे वनस्पतियो और जीवो की बिभिन्न प्रजातियो का निवास है और बिभिन्न जनजातियो की सबसे बड़ी आबादी है| बस्तर की स्थापना 11 वी शताब्दी मे नागवंशी राजाओ द्वारा की गई थी| इसको दक्षिण कोशल के रूप मे भी जाना जाता है| और कलचुरी राजाओ का शासन और मराठो का भी| यह वह क्षेत्र है जहाँ भगवान राम अपने भाई और पत्नी के साथ १४ साल के वनवास के दौरान इन जंगलो मे रहे थे| अपने घने जंगलो और समर्ध खनिज संसाधनो के लिए जाना जाता है| बस्तर मे सबसे प्रमुख यात्रा आकर्षण है| जो भारत के छत्तीसगढ़ मे अबुझमार पर्वत पर स्थित है, चित्रकूट झरने, कुटमसार गुफाएं, जगदलपुर, तीरथगढ़ जलप्रपात, मामा भांजा का मंदिर, दंतेश्वरी मंदिर, शिव मंदिर और गणेश मंदिर है।इनके अलावा गढ़ गोबरहिन मे स्थित एक ग्रेनाइट शिवलिंग है| जो छत्तीसगढ़ के बस्तर मे स्थित महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल माना जाता है|

महत्व

आदिवासी भूमि और चित्रकूट के लिए प्रसिद्ध है।

बस्तर क्यों जाए

प्राक्रतिक सुंदरता , वनो के लिए , हरे भरे पहाड़ो , सुंदर झरनो , धाराओ , प्राकर्तिक गुफ़ाओ |

बस्तर घूमने का सबसे अच्छा समय

अक्टूबर से मार्च|

बस्तर के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. चित्रकूट झरने
  2. कुटमसार गुफाएं
  3. जगदलपुर
  4. तीरथगढ़ जलप्रपात
  5. मामा भांजा का मंदिर
  6. दंतेश्वरी मंदिर
  7. शिव मंदिर
  8. गणेश मंदिर |