मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर

बिहार के तिरहुत क्षेत्र मे मुजफ्फरपुर को ‘लीची किंगडम, के नाम से जाना जाता है| क्योंकि यहाँ सालाना 300,000 टन से अधिक लीची का उत्पादन किया जाता है| यह शहर कई मंदिरो का घर है, और सबसे प्रमुख मंदिर है बाबा गरीबनाथ मंदिर, श्री राम मंदिर, काली माता मंदिर, चतुर्भुज चरण मंदिर, सिमरी माई मंदिर और रामरा का त्रिपुर सुंदरी मंदिर| मुजफ्फरपुर से लगभग एक घंटे की दूरी पर राजखंड स्थित है| जो भैरव नाथ के एक पुराने मंदिर का घर है| प्रतिबर्ष एक बड़े पशु मेले का आयोजन किया जाता है| इस शहर के साहू पोखर क्षेत्र मे श्री राम मंदिर अन्य नवरात्र मंदिरो में से एक माना जाता है| भारत में मौजूद तीसरा सबसे बड़ा शिवलिंग महादेव तीर्थ के अन्दर मंदिर मे पाया जा सकता है| राजखंड एक छोटा सा गावं है और औराई ब्लॉक मुख्यालय के बीच की दूरी मात्र 5 किलोमीटर है| महाशिवरात्रि के अवसर के दौरान एक बार्षिक पशु मेला यहाँ आयोजित किया जाता है| हथिलवा-मठ, राधा-कृष्ण मंदिर, कंपनी बाग में बाडी मस्जिद और रमना गुरुद्वारा कुछ लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं, जो आगंतुकों द्वारा देखे जा सकते है। बर्ष 1932 में सिकंदरपुर के काली माता मंदिर का निर्माण हुआ| यह गंडक नदी के दक्षिणी किनारे पर स्थित है| बर्ष 1979 में राम चन्द्र संग्रहालय का निर्माण जुब्बा साहनी पार्क के मैदान के भीतर स्थित है| संग्रहालय के प्रदर्शन में असामान्य डाक टिकटों, अवशेषों और कला की अन्य विभिन्न वस्तुओं का वर्गीकरण मौजूद है। अवास नगर में स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज के पास पुलिस लाइन का सिमरी माई मंदिर मौजद है मंदिर का निर्माण देवी भगवती के नाम पर किया गया है|

मुजफ्फरपुर क्यों जाए

लीची का उत्पादन , मंदिरो |

मुजफ्फरपुर घूमने का सबसे अच्छा समय

मुजफ्फरपुर की यात्रा का सबसे अच्छा समय इसके सर्दियों के मौसम के दौरान है, जो दिसंबर से फरवरी तक फैलता है।

मुजफ्फरपुर के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. श्री राम मंदिर
  2. काली माता मंदिर
  3. राजखंड
  4. राम चंद्र शाही संग्रहालय
  5. सिमरी माई मंदिर |