कटिहार

कटिहार

बिहार का अगला उभरता शहर / यह बिहार के उत्तर पूर्वी भाग के मैदानी इलाके मे यह पूर्णिया, साहेबगंज पश्चिम भागलपुर और पश्चिम बंगाल के जिले से घिरा हुआ है| कृषि आधारित कटिहार के भविष्य – चावल, मक्का, केला और दाल यहाँ के कुछ प्रमुख उत्पाद है| उत्कर्ष जूट मिलो के केन्द्र के रूप मे इसने शहर की विशेषताओ और स्थानीय लोगो के जीवन को काफी हद तक आकार दिया| खाद्य ‘मखाना, का उत्पादन व्यवसाय स्थानीय लोगो का ध्यान आकर्षित करता है| इस जगह के कपड़ा अपनी रंगीन सूती साड़ियो के लिए प्रसिद्ध है, और वे बांग्लादेश और नेपाल के पडोसी और सीमावर्ती देशो मे आपूर्ति करना जारी रखते है| पहले यह शहर कभी जूट मिल्स के लिए प्रसिद्ध था| कृषि और खेती यहाँ रहने वाले लोगो का मुख व्यवसाय है| यह पहाड़ो, नदियो और झीलो से घिरे होने के कारण एक सुन्दर पर्यटन स्थल बनाता है| कटिहार मे टीएमएए फेडरेशन ऑफ़ मार्शल आर्ट्स कराटे की कला सीखने के लिए एक जगह है| यह स्थान आने वाले पर्यटको के बीच काफी लोकप्रिय है| जहाँ से लोग आत्मरक्षा के लिए कराटे सीखने आते है| और पर्यटक कराटे की तकनीको को सिखाने के तरीके के बारे में जानना और सीखना पसंद करते है| गोरखनाथ मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है इस मंदिर मे भक्तो की एक बड़ी संख्या का दौरा किया जाता है| और महाशिवरात्रि उत्सव भी धूमधाम के साथ मनाया जाता है| महर्षि मेही दास मंदिर भक्तो और आसपास रहने वाले लोगो के बीच बहुत लोकप्रिय है| शान्त वातावरण के बीच भक्तो और आगंतुको को अधिकतम शान्ति प्रदान करता है| बदी दुर्गा मंदिर की तरह ही काली मंदिर एक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, दीवाली और दुर्गाष्टमी जैसे त्योहारो के समय बड़ी संख्या मे भक्तो की भीड़ लगती है और बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है| यह विशेष मंदिर देवी काली को समर्पित है| जिन्हे देवी दुर्गा का एक अवतार माना जाता है। यहाँ के बड़ी दुर्गा मंदिर जो देवी दुर्गा को समर्पित है, न केवल शहर के भक्तो के बीच बल्कि आसपास के परिवेश, शहरो और गावो मे भी भक्तो के बीच धार्मिक स्थल के बीच बहुत लोकप्रिय है| कटिहार घूमने का सबसे अच्छा समय सर्दियों के (जनवरी - फरवरी के महीने) दौरान है।

Where to stay

इस शहर मे ठहरने और घूमने जाने के इच्छुक लोगो के लिए पर्याप्त संख्या मे होटल है| जिनकी सूची इस प्रकार से दी गई है|

होटल सतकर

सैनिक विश्राम गृह

राजस्थान होटल

कटिहार क्यों जाए

‘मखाना, का उत्पादन , कपड़ा अपनी रंगीन सूती साड़ियो , पहाड़ो , नदियो और झीलो |

कटिहार घूमने का सबसे अच्छा समय

कटिहार घूमने का सबसे अच्छा समय सर्दियों के (जनवरी - फरवरी के महीने) दौरान है।

कटिहार के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. मार्शल आर्ट्स इंडिया का TMAA फेडरेशन
  2. महर्षि मेही दास मंदिर
  3. गोरखनाथ मंदिर
  4. काली मंदिर
  5. बदी दुर्गा मंदिर |

कैसे पहुंचे कटिहार


सड़क मार्ग द्वारा

कटिहार पूर्णिया, साहिबगंज, बनमनखी बाजार से घिरा हुआ है| जो क्रमश 16.97 किमी, 21.6 किमी, 33.11 किमी दूर है|

रेल मार्ग द्वारा

कटिहार के सबसे लोकप्रिय ट्रेन स्टेशनो में से एक कटिहार जंक्शन है| औसतन लगभग 100+ ट्रेने कटिहार से दैनिक रूप से गुजरती है| नवगछिया से कटिहार खगड़िया से कटिहार, किशनगंज से कटिहार कुछ मार्ग क्रमशः 68 , 64 , 47 ट्रेने साप्ताहिक है|

हवाई मार्ग द्वारा

दैनिक आधार पर लगभग 8 उड़ाने बिराटनगर हवाई अड्डे पर संचालित होती है यह लोकप्रिय एयरलाइन ब्रांड है जो इस हवाई अड्डे के लिए अक्सर उड़ान भरती है|