सिलचर

सिलचर

यह गुवाहाटी से 343 किलोमीटर (213 मील) दक्षिण पूर्व मे है| सिलचर उत्तर मे बरेल हिल्स, दक्षिण मे मिजो पहाडियो, पूर्व मे मणिपुर और पश्चिम बांग्लादेश से घिरा हुआ है| सिलचर को ‘द, सिटी ऑफ लव, नाम से पुकारते है| चावल प्रधान अनाज है| मछली का भी व्यापक रूप से सेवन किया जाता है| शूकी (सूखे मछली के लिए स्थानीय नाम) शील्ड चटनी और चुंग - आर पेठा (बांस की छड़ के अन्दर तैयार चिपचिपा चावल का केक) स्थानीय व्यंजनो मे से कुछ है| यह अपने मंदिरो और उनकी मनोरम कहानियो के लिए जाना जाता है| शहर मे इस्कॉन मंदिर और भवन, कांचा कांति काली के मंदिर लोकप्रिय स्थल है| भवन मंदिर से कुछ ही दूरी पर मनिहारन की सुरंग है, और कहा जाता है कि इस सुरंग का इस्तेमाल बाल कृष्ण ने किया था| शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर खसपुर महान दिमासा साम्राज्य के खँडहरो का घर है|

माईबोंग एक शानदार परिद्रश्य है जिसमे प्राचीन राज्य के पत्थर की नक्काशी मूर्तियाँ और खँडहर मंदिर है| यहाँ से भुवनेश्वर मंदिर 50 km दूर है और भगवान शिव के भक्त विशेष रूप से शिवरात्रि के त्योहार के दौरान जाया जाता है| अन्य दर्शनीय स्थलो मे श्री कांचा कांति देवी मंदिर, मनिहारन सुरंग और गाँधीबाग़ पार्क शामिल है| हाजो मे हाजो पाव मक्का इस्लाम धर्म के अनुयायियो का तीर्थस्थल है जटिंगा हाफलोंग के दक्षिण मे एक सुन्दर गावं है| शहीद का मकबरा गाँधी बाग़ जो 11 शहीदो की कब्रो का घर है| आसपास बहुत सारे झरने होने के कारण इस अद्भुत जगह के लिए बहुत आकर्षित करता है| यह भी अपने चाय के बागानो के लिए प्रसिद्ध है| इसमे सुन्दर बड़े हरे – भरे चाय के बागान है जो बहुत लुभावने है| चाय की गुणवत्ता अद्भुत है, सहायक वायुमंडलीय स्थितियो से सुविधा है| यहाँ उगाई जाने वाली चाय विदेशो मे भी निर्यात की जाती है|

सिलचर क्यों जाए

मंदिर, शानदार परिद्रश्य , चाय के बागान के लिए

सिलचर के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. श्रीकोना बारा बाज़ार
  2. खासपुर
  3. मैल्बोंग
  4. जानीगंज बाजार
  5. जानीगंज बाजार
  6. गांधीबाग पार्क
  7. साल्गंगा
  8. इस्कॉन मंदिर
  9. डोलू झील