नलबाड़ी

नलबाड़ी

यह मंदिरो के लिए अच्छी तरह से जाना जाता है| यह स्थान प्रकृति पर्यटन के लिए सबसे प्रसिद्ध है| नलबाड़ी नाम का अर्थ ‘ईख का बगीचा, है शांत और सुन्दर वातावरण में सबसे आरामदायक छुट्टी का आश्वासन दे रहा है| भगवान कृष्ण को समर्पित बिल्वेश्वर मंदिर बहुत लोकप्रिय (500 साल) मंदिर है| त्योहार के समय में इस जगह पर जाना अच्छा होता है| यहाँ एक बौद्ध मंदिर भी है| वास्तव में देखने लायक है| यह असम में गंतव्य को सुन्दर परिद्रश्य और भव्य मंदिरो से घिरा है| जैसे बिलेश्वर मंदिर, हरि मंदिर, बौद्ध मंदिर आदि। आप फ़ेंग्वा रामपार्ट किले जैसी जगहो पर भी जा सकते है। महमरा अंगरधोवा असम सोनकुरीहा मे इस प्रसिद्ध पक्षी देखने के स्थान पर भी जा सकते है|

यहाँ देखने और तलाशने के लिए बहुत कुछ है| यहाँ का बिलेश्वर मंदिर 500 साल से अधिक पुराना है| यह भगवान कृष्ण को समर्पित है| श्रीपुर देवलय मंदिर पार्वती को समर्पित है। बासुदेव देवलय और हरि मंदिर अन्य मंदिर है रास महोत्सव बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है दौलाशाल मंदिर भी पुराना और प्रसिद्ध है और निकट और दूर से भीड़ को आकर्षित करता है| नलबाड़ी से केवल 30 किमी दूर स्थित एक बौद्ध मंदिर भी है। एक जैन मंदिर नलबाड़ी शहर मे स्थित है। अगर आप प्रकृति के प्रति उत्साही है और पक्षियों को देखना पसंद करते है| तो सोनकुरी एक ऐसी जगह है सर्दियों के मौसम में हजारों प्रवासी पक्षी इस जगह पर आते है| महामार पुखुरी एक प्रसिद्ध और काफी पुरानी झील है| पर्यटक हथकरधा साड़ी या पैट मुगा साड़ी खरीदते है जो दुनिया भर में प्रसिद्ध है|

नलबाड़ी क्यों जाए

मंदिर, शांत और सुन्दर वातावरण

नलबाड़ी घूमने का सबसे अच्छा समय

असम के अन्य स्थानों की तरह, नलबाड़ी घूमने का सबसे अच्छा समय सर्दियों का है। गर्मियो मे भी घूमने का अच्छा समय है।

नलबाड़ी के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. दौलाशाल मंदिर
  2. सोनकुरिहा पक्षी अभयारण्य
  3. फेंगवा रामपार्ट
  4. जयपाल थान
  5. श्रीपुर देवलय मंदिर
  6. बिलेश्वर मंदिर
  7. बौद्ध मंदिर
  8. कौशल मंदिर
  9. और बागेश्वरी मंदिर