जोरहाट

जोरहाट

जोरहाट असम की सबसे निराली और सबसे अलग भारत की चाय राजधानी - जोरहाट जहाँ से भारत के कोने कोने में हरी पत्तियों की ताजा चाय असम में सबसे ज्यादा यही पर मिलती है यह अहोम वंश की अंतिम राजधानी थी, जिसने छह शताब्दियों से अधिक समय तक असम में सर्वोच्च शासन किया था।जोरहाट को एक व्यावसायिक केंद्र के रूप में भी प्रसिद्ध है |यहाँ के लोग चाय उत्पादन और इसके गहने बनाने के उद्योग के लिए। कुशल कारीगरों के पूरे खंड जो गहने बनाने में लगे हुए हैं जिनको अलग अलग तरह की पारंपरिक डिजाइनों से सजाया जाता है |

शैलियों के साथ मिश्रण करने की शैली बहुत ही प्राचीन आकर्षक अद्भुत होती है जोरहाट जिले में एक जीवंत संस्कृति का सबसे ज्यादा अनुभव होता है |जो स्थानीय लोगों के दिन-प्रतिदिन के कार्यों से प्रकट करने वाली होती है | जोरहाट को सर्वश्रेष्ठ रंगों से सजा हुआ आप प्रकृति के बीच एक सुकून और शांत छुट्टी की तलाश में सबसे अच्छा पर्यटन का मार्ग है |जोरहाट से लगभग 20 किलोमीटर दूर पर बना हुआ आकर्षण का केंद्र नदी द्वीप है जो जिमखाना क्लब एशिया में बनाया गया पहला और पूरी दुनिया में तीसरा सबसे पुराना शहर माना जाता है |असम के इस स्थान का राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अलग ही महत्व है।जोरहाट ही यात्रा के बिना असम की यात्रा अधूरी मानी जाती है |