जाइरो

जाइरो

जाइरो एक छोटा सा हिल स्टेशन जो अरूणाचल प्रदेश के सबसे प्राचीन शहरों में से एक है जहां धान के खेत, चीड़ पेड़ और प्रकृति का वों सौंदर्य बिखरा हुआ है जो मन को शांति और तन को ताजगी देता है| घने जंगल और आदिवासी संस्कृति के साथ यह छोटा सा नैसर्गिक पर्यटन स्थल समुद्र तल से 1500 मीटर की ऊँचाई पर कई तरह के पौधों और जन्तुओं का घर है|| जाइरो के प्रमुख पर्यटक आकर्षणों में हरी-भरी शाँन्त टैली घाटी, जाइरो पुटु, तरीन मछली केन्द्र, कर्दो में स्थित ऊँचा शिवलिंग शामिल है| जाइरो खूबसूरती से भरा हुआ है। यहां कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो प्रकृति के लिए फेमस है| टैली घाटी रोमांच पसंद लोगों के लिए परफेक्ट है। यह जगह ट्रेकिंग के लिए फेमस है। टैली घाटी वन्य जीव अभ्यारण्य प्रदेश के जाइरो से करीब 30 किलोमीटर दूर है। इस अभ्यारण्य में वनस्पतियों और जीवों को आकर्षित करती है। यहां क्लाउडेड तेंदुआ जैसी दुर्लभ प्रजाती के वन्यजीव भी पाए जाते हैं। जो पाइन के पेड़ों से भरी पहाड़ियों से घिरा हुआ है। पूरे क्षेत्र में फैले घने जंगल ही आदिवासी लोगों के घर हैं। यह क्षेत्र अपनी धान की खेतों की वजह से भी काफी लोकप्रिय है। जाइरो पौधों और जन्तुओं के मामले में काफी धनी है तथा अपनी विविधता की वजह से प्रकृति प्रमियों के लिए आदर्श स्थान बनी हुई है। पर्यटकों के लिए पसंदीदा जगहों में से एक 'मछली फार्म' हपोली से 3।5 किमी। की दूरी पर स्थित है। यह बहुत ही खूबसूरत जगह है। यहां आने वाले पर्यटक अनेक प्रजातियों की खूबसूरत मछिलयों को देख सकते हैं। आप हरी-भरी शांन्त टैली घाटी, 5000 हजार साल पुरानी मेघना गुफा मंदिर जा सकते हैं। यही नहीं खूबसूरत पक्षियों और सूर्योदय के खूबसूरत दृश्य देखना है तो आप किले पाखो भी जा सकते हैं। यह यहां का लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यह जगह पर्यटको के लिए लोकप्रिय है|

जाइरो घूमने का सबसे अच्छा समय

पर्यटको के लिहाज से घूमने फिरने के अक्टूबर नवम्बर का महीना अच्छा होता है|

जाइरो के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. टैली घाटी वन्य जीव अभ्यारण्य
  2. मेघना गुफा मंदिर
  3. जीरो पुटो
  4. पाइन बाग
  5. डोलो-मांडो