तवांग

तवांग

अरुणाचल प्रदेश का खूबसूरत जिला तवांग है| समुद्र तल से लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित, सुरम्य तवांग उत्तर पूर्व भारत में अरुणाचल प्रदेश के उत्तर पश्चिमी छोर पर स्थित एक पतली आबादी वाला पहाड़ी मार्ग है। जो अपने अपनी रहस्यमयी और जादुई खूबसूरती के लिए जाना जाता है। समुद्र तल से 10 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है| यहां सूरज की पहली किरण सबसे पहले बर्फ से ढंकी चोटियों पर पड़ती है और यह नजारा देखने लायक होता है। वहीं सूरज की आखिरी किरण जब यहां से गुजरती है तो पूरा आसमान अनगिनत तारों से भर जाता है।हिमालय में बसा, तवांग अरुणाचल प्रदेश में एक आकर्षक छोटा हिल स्टेशन है और इसे पूर्वोत्तर भारत के सबसे अधिक देखे जाने वाले पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है| तवांग के आसपास और कई खूबसूरत ग्रैलेसियल झीलें हैं, जैसे सेला झील, पीतवांग में देखने के लिए मठ, पहाड़ों की चोटी और झरने सहित कई चीजें हैं, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। तवांग के कुछ प्रमुख आकर्षण में तवांग मठ, सेला पास और ढेर सारे जलप्रपात हैं, जिससे यह बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग के लिए भी पसंदीदा स्थल है| तवांग एक ऐसी जगह है, पर्यटन स्थल में घूमने वाली जगह नूरानांग जलप्रपात पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। तवांग के खूबसूरत जंगल में स्थित यह वॉटरफॉल देश के सबसे अच्छे झरनों में गिना जाता हैं और पर्यटक झरने के पास अक्सर पिकनिक मनाने के लिए आते हैं। झरने का पानी 100 मीटर की ऊँचाई से गिरता हैं। पर्यटन स्थल में घूमने वाली जगह नूरानांग जलप्रपात पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता हैं। पर्यटन की प्रसिद्ध झीलों में माधुरी लेक का नाम भी शामिल हैं और यहाँ पर्यटक बड़ी संख्या में घूमने के लिए आते हैं। माधुरी झील को संगतेसर झील के नाम से भी जाना जाता हैं।माधुरी झील की ऊंचाई समुद्र तल से 12,000 फीट हैं, हिमालय के बीचों बीच यह झील शानदार दृश्य प्रस्तुत करती हैं। माधुरी झील तवांग से लगभग 36 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। तवांग शहर का एक अन्य आकर्षण पी टी त्सो झील तवांग शहर से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। पर्यटन के लिहाज से यह बेहद ही आकर्षित स्थान हैं और पिकनिक जैसी गतिविधियों के लिए जाना जाता हैं। पी टी त्सो झील के आसपास का खूबसूरत वातावरण पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है है|

तवांग घूमने का सबसे अच्छा समय

तवांग पर्यटन ग्रीष्मकाल और मानसून के दौरान घूमने के लिए आदर्शं माना जाता हैं। और यहा जाने का अच्छा समय मार्च से सितंबर का महीना होता है |

तवांग के पर्यटन, दर्शनीय स्थल

  1. नूरानांग जलप्रपात
  2. वॉर मेमोरियल
  3. जसवंत गढ़
  4. सेला दर्रा माधुरी झील
  5. गोरीचेन पीक

कैसे पहुंचे तवांग


सड़क मार्ग द्वारा

तवांग सड़क मार्ग के माध्यम से अपने आसपास के सभी शहरो से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ हैं और यात्रा के लिए बसे नियमित रूप से चलती हैं। तेजपुर (असम) और बोमडिला से पर्यटकों सीधी बसे मिल जाएगी।

रेल मार्ग द्वारा

तवांग का अपना कोई रेलवे स्टेशन नही हैं और इसका सबसे नजदीकी रेल्वे स्टेशन तेजपुर हैं। यात्री स्टेशन से बस या कैब के माध्यम से तवांग पर्यटन स्थल तक आसानी से पहुँच जायेंगे।

हवाई मार्ग द्वारा

तवांग का सबसे निकटतम हवाई अड्डा तेजपुर हैं। जोकि लगभग 143 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं और यह कोलकाता और गुवाहाटी हवाई अड्डे से जुड़ा हुआ हैं। अंतर्राष्ट्रीय यात्री लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय गुवाहटी हवाई अड्डे से यात्रा कर सकते हैं। हवाई अड्डे से आप बस या टैक्सी का कर सकते है |