नेल्लोर

नेल्लोर

नेल्लोर को 13 वीं शताब्दी तक विक्रम सिम्हापुरी के नाम से प्रसिद्ध शहर है| तेलुगुचोल, पांड्य और अन्य राजवंशों के शासन में रहा था। 1 नवंबर, 1956 को जब भाषाई मतभेदों के आधार पर राज्यों को मान्यता दी गई, तो आंध्र प्रदेश राज्य अस्तित्व में आया क्षेत्र के कुछ महत्वपूर्ण उद्योग मीका माइन्स और थर्मल पावर प्लांट हैं। जो लगभग २० किलोमीटर की दुरी पर बना है यहाँ की धर्म संस्क्रती,विरासत,रंगनायका मंदिर, जोनावाड़ा, पेन्चालाकोना और बहुत कुछ देखने में बहुत अच्छा लगता है हथकरघा छेत्र भी यहाँ का लघु उधोग का घर है|। इस क्षेत्र की मुख्य नदियाँ पेन्नार, स्वर्णमुखी और गुंडलकम हैं। जिले की औसत ऊँचाई 19 मीटर है और इसके 163 किमी की सीमा पर समुद्र तट है। सातवाहन राजाओं, काकतीय, पल्लव, चोल, तेलुगुचोल, पांड्य और अन्य राजवंशों के शासन में रहा था।नेल्लोर जिला आंध्र प्रदेश के 23 जिलों में से एक है।नेल्लोर के लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि है और जिले में सबसे अधिक उगाई जाने वाली फसलें धान, ज्वार, बाजरा के साथ-साथ तम्बाकू, मिर्च, मूंगफली और गन्ना हैं।