हरी के चरणों की रज और जल में डुबकी लगाने जायेहरिद्वार की यात्रा पर

दोस्तों आपने देखा होगा की सभी लोग बहुत दिन हो जाये तो अपने स्थान कोछोड़कर ऊब भरी दुनिया को छोड़ कर ना ही लोग दिन देखते है ना रात देखते है पर्यटक कही ऐसी ही जगह जाते है जहाँ पर धार्मिक स्थल भी हो और पर्यटन केस्थान भी हो हरिद्वार का पर्यटनभी कुछ ऐसा ही है जो हर तरह से आपके दिलो को खुश कर देने वाला है जहाँ की तस्वीरेआप हमेशा के लिए कैद करके अपने घर की दीवारों पर सजाने का मन करेगा

प्रिय साथियों हरिद्वार बहुत ही पुराने समय आस्था से भरा हुआ केंद्र रहाहै जहाँ पर करोड़ो की तादात मेंपर्यटकों का मेला सा लगा रहता है जो वहाँ पर किसी बारात से कम नहीं लगता हैहरिद्वार उत्तराखंड में बसा हुआ शहर है जो हर को पोड़ी के लिए प्राचीन और प्रसिद्ध है जहाँ पर लोग हरी का नाम लेकर पूरी आस्था के साथ हर की पोड़ी पर जाकर डूबकीलगाते है

हरिद्वार को "गेटवे टू द लॉर्ड" भी कहा जाता है यहाँ पर कुम्भ का मेला बहुत अच्छा और प्रसिद्ध होता है और कोने कोने से लोग इस कुम्भ का हिस्सा बनतेहै जो यहाँ पर 12 साल में एक बार आयोजित किया जाता है

हरिद्वार में घूमने के स्थानों की कमी नहीं है आस पास के स्थान भी बहुत सुन्दर औरउत्साह से भरे हुए है

  1. चंडी देवी मंदिर
  2. माया देवी मंदिर
  3. मनसा देवी मंदिर
  4. हर की पौड़ी
  5. विष्णु घाट
  6. दक्ष महादेव मंदिर
  7. वैष्णो देवी मंदिर
  8. भारत माता मंदिर
  9. वैष्णो देवी मंदिर
  10. शांति गुंज

चंडी देवी मंदिर

उत्तराखंड के हरिद्वार में मनोकामना पूर्ति के लिए प्रसिद्ध माता चंडी कामंदिर है जो बहुत ही पुराना और जहाँ का इतिहास हमारे पूर्वजो के समय का है एसमंदिर का निर्माण 1929 में कश्मीर के राजा सुच्चत सिंह ने करवाया था लेकिन जोमाता की मूर्ति है वो शंकराचार्य द्वाराबनी हुई है जो सबसे महान पुजारीथे जो यहाँ की देवी है उनको चंडिका के नाम से भी पुकारा जाता था देवी ने यहाँ परनील पर्वत के ऊपर कुछ समय विश्राम कियाथा फिर बाद में यहाँ पर दो पर्वतो पर दो चोंटिया और बनी जो शुंभ और निशुंभ के नामसे विश्व प्रसिद्ध है

माया देवी मंदिर

हरिद्वार के बारे में ऐसा कहा जाता है की यहाँ पर यहाँ परतीन देवताओ के रहने का स्थान है यह नगरी मोक्ष की नगरी है यही पर माता माया कीशक्ति पीठ है जहाँ पर माता नेअपने शरीर का त्याग कर दिया था यहाँपर माता की नाभि के गिरने की कहानी है जो यहाँ की देवी जी 51 शक्ति पीठो में सेएक है यह वाही स्थान है जहाँ पर देवी सती और शिव जी के प्रेम की बात शुरू हुई

मनसा देवी मंदिर

हरिद्वार में मनसा देवी जी का मंदिर नागो की देवी जी कामंदिर कहा जाता है जो विश्वजगत के स्वामी शिव जी की मानस की पुत्री है इनकी पूजा नागराज वासु की बहन के रूप में पूजाजाता है जो प्रसिद्ध मंदिर एक शक्ति पीठ में हरिद्वार में बना हुआ है अपने उत्तर के अलावा इनकी पूजा झारखण्ड,बिहार,बंगाल में बड़े धूमधाम से मनायी जाती है

हरकी पौड़ी

हरिद्वार की हर की पोड़ी को हरी की पोड़ी के नाम सेविश्वप्रसिद्ध पोड़ी है जिसका नाम बच्चा बच्चा जानता है इस पोड़ी पर लोग आने के लिए तरसते है जहाँ प्रतिदिन लघु भारत के दर्शन होते हैं।

विष्णु घाट

हरिदार में बना हुआ यह घाट है जहाँ पर लाखो पर्यटक आते जाते रहते है इस घाट पर शांति से बैठकर शुद्ध ताजे जल में डुबकी लगाते है यहाँ पर दुर्घटना से बचने के लिए लोगो कोसुरक्षा से साधनों का शालीनता से प्रयोग किया गया है शाम के समय का नज़ारा इस घाट का यादगार समय साबित होता है

दक्ष महादेव मंदिर

हरिद्वारमें दक्ष महादेव मंदिर बहुत ही विशाल और पुराना मंदिर है जहाँ पर भक्तो कीलम्बी लाईन लगी रहती है यहाँ के इस मंदिर के बारे में ऐसा कहा जाता है की इस मंदिर का निर्माण 1810 AD मेंरानी धनकौर ने करवाया था और 1962 में इसका बाद में फिर से तैयार कराया गया है इसको श्रद्धालु दक्ष प्रजापति मंदिर”के नाम से भी जाना जाता है इस मंदिर में भगवान शिव जी की पूजा होती है

वैष्णो देवी मंदिर

देवीवैष्णो का यह स्थान प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है जो नवनिर्मित पवित्र मंदिर है इस मंदिर में तीन देविया विराजमान हैदेवी सरस्वती,देवी काली, देवी लक्ष्मी, मूर्तिया शामिल है इस मंदिर को लोग लालमाता का मन्दिर भी है अपनी वास्तु कला के कारण ही इस मंदिर को लोकप्रियता मिली जो सप्त ऋषि आश्रम सड़क पर निर्मित है

भारत माता मंदिर

हरिद्वार में भारत माता का मंदिर जो आठ मंजिलाइमारत है जिसका निर्माण 1983 में स्वामी नित्य नन्द गिरी जी महाराज ने करवायाथा इस प्राचीन मंदिर का उद्घाटन श्री मती इन्दिरा गाँधी जी के हाथो से हुआ था यह मंदिर अपने भारत के संत महात्माओ,विदुषी स्त्रिया एव सूर वीरो को समर्पित है एस मंदिर का नाम भारत के सुनहरे मंदिरों में आता है

शांति गुंज

हरिद्वार में गंगाके तट पर बना शांति कुंज है इसके थोड़े पास में ही अखिल भारतीय गायत्री परिवार कामुख्यालय है जो शांति कुंज के संस्थापक आचार्य शर्मा पंडित जी है जहाँ सेस्टेशन की दूरी 6 किलोमीटर की है -हरिद्वार में गंगा के तट पर बना शांति कुंज है इसके थोड़े पास में हीअखिल भारतीय गायत्री परिवार का मुख्यालय है जो शांति कुंज के संस्थापक आचार्यशर्मा पंडित जी है जहाँ से स्टेशन की दूरी 6 किलोमीटर की है

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