जानते है उत्तराखण्ड के प्रमुख धामो के बारे में जहाँ हरकोई जाना चाहता है जिन्दगीमें एक बार जरुर

अगले माह से चारधाम यात्रा की शुरूआत होने जा रही है। हर वर्ष लाखो की संख्या में देश विदेश के श्रद्धालू पूजा अर्चना का यहाँ रूख करते है। आईए जानते है उत्तराखण्ड के प्रमुख दस धामो के विषय में-

बदरीनाथ मंदिर

बदरीनारायण मंदिर भी अलकनंदा नदी के किनारे उतराखंड राज्य मे भगवान विष्णु के रूप पर हिन्दुओं के चार धाम ऋषिकेश से यह 294 किलोमीटर कि दूरी पर उत्तर दिशां मे है, कहा जाता है कि यह मूर्ति देवताओं ने नारदकुण्ड से निकालकर स्थापित की थी।

केदारनाथ

चार धामो मे सर्वाधिक ऊचांई पर स्थित यह केदारनाथ भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगो मे कत्युरी शैली एक है यहां पर कुछ पवित्र कुण्ड है। जैसे गौरी कुण्ड, पार्वती कुण्ड, हंस कुण्ड आदि।

गंगोत्री

ये मंदिर उत्तराखण्ड के चार धामो मे से एक है। इसका निर्माण गोरखाओ के सेनापति अमरसिंह थापा ने 18 वी शताब्दी मे जयपुर के राजा माधो सिंह ने कराया। मुख्य परिसर पर गंगा, लक्ष्मी, पार्वती आदि की मूर्तियाँ स्थापित है।

यमुनोत्री धाम

यमुनोत्री, जपनद मुख्यालय से 131 किमी दूर चार धामो मे एक धाम जो कि उत्तरकाशी जपनद मे ही आता है।इस मंदिर का निर्माणक पंवार वंश के राजा प्रतताशाह ने कराया था। इस मंदिर के पा ही गर्म पानी का प्रमुख स्त्रोत सूर्यकुण्ड है।

नंदा देवी

नंदा देवी समूचे गढ़वाल मंडल और कुमाऊं मंडल और हिमालय के अन्य भागों में नंदा की उपासना प्राचीन काल से ही धार्मिक ग्रंथों, उपनिषद और पुराणों में मिलता है। वह रुप मंडन मे पार्वती को गौरी के छरू रुपों मे एक बताया गया है।

पाताल भनुवनेश्वर गुफा मंदिर

भगवान गणेश के उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा आस्था का अद्भुत केंद्र 90 फीट अंदर है. इस गुफाओं में चारों युगों के प्रतीक रूप में चार पत्थर स्थापित हैं. इनमें से एक पत्थर कलियुग का प्रतीक वह धीरे-धीरे ऊपर उठ रहा होता है

हाट कालिका धाम

पूरे कुमाऊं में हाट कालिका के नाम से विख्यात गंगोलीहाट के महाकाली मंदिर की कहानी पांच हजार साल पूर्व लिखे गए स्कंद पुराण के मानसखंड में दारुकावन (गंगोलीहाट) स्थित देवी का विस्तार से वर्णन है।

पूर्णागिरी मंदिर

पूर्णागिरि मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड प्रान्त के पिथौरागढ़ जनपद में अन्नपूर्णा शिखर पर 5500 फुट की ऊँचाई पर स्थित है। यह 108 सिद्ध पीठों मार्च के महीने मे चैत्र नवरात्रि के दौरान देश भी इलाको से बड़ी संख्या मे यहां श्रद्धालु आते है।

गोल्ज्यू देवता का मंदिर

उत्तराखंड मे गोलू देवता को पूरे न्याय का देवता माना जाता है। जो व्यक्ति कोर्ट से उम्मीद खो बैठता है, वो अपनी अर्जी गोलू देवता के दरबार मे लगाता है

गर्जिया देवी

उत्तराखण्ड के रामनगर का गिरिजा देवी मंदिर. माता पार्वती का यह मंदिर रामनगर से तकरीबन 15 किलोमीटर की दूरी पर सुंदरखाल गांव के निकट एक छोटी पहाड़ी के ऊपर बने शांति और प्राकृतिक सौंदर्य से यहां आने वाले हर श्रद्धालु का मन सहज ही मुग्ध होता है

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