कोणार्क सूर्य मंदिर: जाने इसके के बारे मे सब कुछ ..

भारत का सूर्य की किरणों की तरह चमकने वाला एक कोणार्क मंदिर है जो सभी को अपनी तरफ आकर्षित करता है तो ज्यादा सोंच विचार क्यों अपना प्लान बनाये यह मंदिर घूमने का ..

साथियों अपने भारत ने तो पर्यटन स्थानों को खोज खोज कर सजा कर घूमने के लिए रखा है तो आप भी अपने पूरे परिवार को कही दूर लेजाकर कही दिन बिताना चाहते है तो ओडिशा के इस विशाल मंदिर को देखने जरूर जाये

ओडिशा का इतिहास विश्व प्रसिद्ध है क्योकि इसका इतिहास अशोक सम्राट से जुड़ा हुआ है पहले के समय में ओडिशा को कलिंग के नाम से जाना जाता था यही पर अशोक सम्राट विजय प्राप्त करते हुए आगे बढ़ रहे थे तभी उन्होने जीत हासिल कर ली,लेकिन युद्ध में काफी लोग मारे भी गए तब उन्ही वीर जवानों की पत्नी अपने बच्चो के साथ लड़ने के लिए भी युद्ध में पहुँच गयी यह सब देखकर सम्राट को अच्छा नहीं लगा वो बहुत दुखी हुए तभी उन्होने दुबारा हिंसा न करने का प्रण लिया ओडिशा भारत का 11 व सबसे ज्यादा जनसँख्या वाला देश है

दोस्तों कोणार्क सूर्य मंदिर भारत के ओडिशा राज्य में कोणार्क सूर्य मंदिर है जो लगभग 35 किलोमीटर उत्तरी पूर्व में कोणार्क में बना सूर्य मंदिर है जिसका वहां पर विशेष महत्व है यह मंदिर चंद्रभागा नदी के किनारे बना हुआ है जिसको लगभग 13 वी शताब्दी में बनाया गया है जो भगवान सूर्य देव जी को समर्पित है इस मंदिर के मुख्य द्वार पर जब आप मंदिर के अन्दर जब प्रवेश करीगे तो दोनों तरफ शेर बने हैं जो हाथी को कुचलते हुए हुए दिखाए देते है और सुन्दर लगते है यह भारत की एक विश्व धरोहर में से एक मंदिर है जिसको 1984 में यूनेस्को ने की थी इस मंदिर को देखने के लिए हमेशा पर्यटकों की भीढ़ उमड़ी रहती है कोणार्क मंदिर में सूर्य की पहली किरण सीधे मुख्य प्रवेश द्वार पर पड़ती है। कोणार्क के सूर्य मंदिर की विशेषता यह है कि इस मंदिर के आधार पर 12 जोड़ी पहिए स्थित हैं। इस मंदिर के आधार पर 12 जोड़ी पहिए स्थित हैं। इन पहियों की छाया को देखकर लोग सही सटीक समय का पता लगा लेते है

स्वाद का खजाना ओडिशा

ओडिशा का भोजन स्वाद का खजाना है ओडिशा अपने स्थानीय व्यंजनों की तुलना में समान रूप से समृद्ध है। यहाँ का खाना स्वाद के साथ पोष्टिकता से भरा होता है अगर आप ओडिशा की यात्रा पर जा रहे है तो वहा के इस लजीज स्वाद का आनंद जरूर लेना चाहेगें। यहाँ खिचडी,चुंगडी मलाई,मचा घांत,दाल्मा,पखला भाटा,गुप्चप,ही वाडा-आलू दम,छेना पोडा,कनिका,पुलाफ,सनतुला,चातु राय,आलू पोटाला रस,कदली मंजा राय,ओडिशा के खाने में यह सरल सौंदर्य पकवान आलू, कद्दू, केला और पपीता का मिश्रण है।

ओडिशा केकोणार्क के सूर्य मंदिरकैसे पहुचे

ओडिशा के इस कोणार्क के सूर्य मंदिर को आप देखने जाने के लिए हवाई जहाज से यात्रा पूरी कर सकते है कोणार्क भुबनेश्वर हवाई अड्डे से 65 किमी दूर है। भुवनेश्वर नई दिल्ली, कोलकाता, विशाखापत्तनम, चेन्नई और मुंबई जैसे प्रमुख भारतीय शहरों के लिए उड़ानों से जुड़ा हुआ है। आप हवाई जहाज से भुबनेश्वर पहुंचकर कर वहा से टेक्सी कर के कोणार्क मंदिर जा सकते है आप . ट्रेन से कोणार्क सूर्य मंदिर भी जा सकते है आप सुपर फ़ास्ट ट्रेन से भी है जो । पुरी और भुबनेश्वर के लिए कोलकाता, नई दिल्ली, चेन्नई, बंगलौर, मुंबई और देश के अन्य स्थानों तक जाती है जिनके माध्यम से आप यहाँ जाने के बाद टैक्सी या बस से पहुँच सकते है आप बस से भी कोणार्क का नज़ारा देख सकते है