Munnar (मून्नार) केरल का स्वर्ग: भारत में नाम मात्र के ख़र्च पर पर्यटक स्थल जो बसा है शांत पहाड़ी पर तो अभी अपना प्लान बनाये मुन्नार की सैर का

दोस्तों कभी कभी सभी लोगो का मन करता है कही शोर शराबे को छोड़कर दूर शांत इलाके में जाकर दिन बिताने का साथ में अपना परिवार या कॉलेज के दोस्त या ऑफ़िस का फ्रेंड सर्कल हो तो घूमने का मज़ा दोगुना हो जाता है एक अलग से आनंद का अनुभव होता है साथ में सफ़र का पता भी नहीं चलता है

मुन्नार एक केरल का छोटा सा बहुत खूबसूरत हिल स्टेशन है इस जगह की सजावट को देखकर आने जाने वाले पर्यटक इस स्थान को ईश्वर का स्थान कहते है यहाँ के सौंदर्य को देखकर ऐसा लगता है कि धरती का सारा स्वर्ग यही पर है

मुन्नार बहुत ही प्यारा सा सुकून के पल बिताने वाला स्थान है जहाँ पर पहुचने के लिए लोग अपनी समर या विन्टर विकेशन का बेसब्री से इंतज़ार करते है यहाँ की भूमि पूरी तरह से हरी घास की चादर पर लेटी हुए पूरी घुमाव वाली रास्तो को बनाती हुई मुन्नार कोप्रकृतिक तरीके से सजा देती है साथ ही उन पर घुमाव के मोड़ पर गुलदस्ते नुमा गुच्छे वाले फूल यहाँ की खूबसूरती में चार चाँद लगा देते है यहाँ पर अक्सर आंधी वाले मौसम के साथ में तेज बारिश जब होती है तो यहाँ पर जो फलो के विशाल वृक्ष होते है वो नाचने लगते है जो यहाँ परइस मौसम का लुफ्त लेने के लिए आते है उनका दिल बाग़ बाग़ हो जाता है मुन्नार मे एक "मेडूपट्टी" बांध है। इस जगह पर हर समय शीतल जल का भंडार इसको चारो तरफ से अपने वश में करे हुए है आप यहाँ आकर नाव में बैठ कर आप इस पार से उस पार जा सकते है इसके साथ में मोटर वालीस्पीड मोटर बोट की सुविधा है। यहाँ पर चाय की खेती अधिक मात्रा में होती है मुन्नार कोच्चि से लगभग 130 किलोमीटर की दूरी पर है। कुहासे में ढंका यह शहर केरल के प्रमुख पर्वतीय स्थलों में से एक है।

मुन्नार से 15 किलोमीटर दूर एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान

साथियों यह उद्यान के लिए प्रचलित राष्ट्रीय उद्यान है है जो मुख्य रूप से इस पार्क को नीलगिरी जंगली बकरों की रक्षा करने के लिए बनाया गया है ईसी के साथ साथ यहाँ पर बनस्पति और जन्तुओ के लिए पर्यावरण का विशेष पार्क बना दिया गया है साथ ही यहाँ पर यह पार्क पुरे तरीके से प्रकर्ति से हरा भरा है और यहाँ की घास पर सुबह को लोग चलने के लिए आते है 1975 में इसे अभयारण्य घोषित कर दिया गया था फिर बाद मे 1978 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित कर दिया गया। यह उद्यान 97 वर्ग किमी में फैला हुआ है

एक सुन्दर पहाड़ी अनमुदी पी

दोस्तों मुन्नार से थोड़ी दूर आपने एराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान में सैर की वही से थोड़ा आगे कारास्ता और तय करते हुए यहा घास से सजीली अनामुडी पहाड़ी देखने वाली पहाड़ी है जिसकी ऊचाई लगभग 2700 मीटर हैइस ऊँचाई को तय करने के लिए आपको वाइल् डलाइफ अर्थारिटी से परमीशन लेनी पड़ती है पहाड़ी के ऊपर जब आप पहुँच जाओगे तो यहाँ से खड़े होकर आप यहाँ के नज़ारे अपनी अंखियो में तो बसाओ गे ही बल्कि साथ अपने हैंडीकेम में भी कैद कर के याद के रूप मे अपनी घर की दीवारों पर सजायेगे

पानी की झरझर वाला झरना

भाईयो आप जब भी मुन्नार घुमने का प्लान बनाये तो इस अट्टुकाद झरना को देखे बिना वापसी की न सोचे क्योकि यह झरना बहुत ही भव्य और गहराई वाला झरना है जो यहाँ से 8 किलोमीटर दूर कोच्चि रोड पर है यहाँ पर बारिश के दिनों में इसकी सुन्दरता और भी बढ़ जाती है सबसे मजे की बात यह है की इस झरने के पास दो और भी झरने है जो यहाँ की शोभा को बढ़ा रहे है

आप के लिए प्रकर्ति ने और भी कुछ संजोया है यहाँ पर देखने के लिए

चाय संग्रहालय

यहाँ का चाय का यह संग्रहालय जो टाटा टी द्वारा संचालित है, यही पर बागानों से पतियों से चाय कैसे तैयार की जाती है इस बात की जानकारी दी जाती है संग्रहालय में 1880 में मुन्नार में चाय उत्पादन की शुरुआत से जुड़ी निशानियां रखी गई हैं। यहाँ कई ऐतिहासिक तस्वीरें भी लगी हुई हैं।

पल्लीवासल

यह वो स्थान है जो केरल के पहले हाइड्रो इलेक् ट्रिक प्रोजेक् ट के लिए प्रसिद्ध है, पल्लीवासल मुन् नार के चित्रापुरम इलाके से तीन किमी की दुरी पर बना है

मैटुपेट्टी

जो हरियाली से भरा होने के साथ साथ एक मट्टुपेट्टी अपने उच्च विशिष्टीकृत डेयरी फार्म के लिए देश भर में जाना जाता है यहाँ पर भी चाय के बागानों का का मनोरम द्रश्य आपको देखने को मिलेगा यह स्थान मट्टुपेट्टी समुद्र तल से 1700 मी. ऊंचाई पर बना हुआ है

दोस्तों मुन्नार में सैर सपाटे के साथ साथ आपको यहाँ का स्वाद क्या है क्या क्या यहाँ पर भोजन नास्ता और यहाँ की फेमस चीज है सभी के बारे जानने की उत्सुकता मन में जाग्रत होगी और होनी भी चाहिए क्योकि हम कही पर घुमने जाते है तो वहा से कुछ न कुछ खरीद कर जरूर लाते है यहाँ पर आपको सभी ढाबो पर और VIP होटल में हर तरह का खाना हर समय मिल जाता है और रुकने की भी परेशानी नहीं होती है हर प्रकार के लोगो के लिए उनकी पाकिट के हिसाब से खाने रुकने की व्यवस्था हो जाती है

कैसे तय करे मुन्नारका सफ़र

प्रिय पर्यटकों आपको यहाँ जाने के लिए अपने वाहन सड़क मार्ग, ट्रेन, बस सबसे गजब की बात यह है की आप यहाँ पर हवाई जहाज द्वारा भी जा सकते है

Kerala