बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश)

बिलासपुर का सफ़र है दिल को हर्षाने वाला और यहाँ की बनी लाजबाब डिश है स्वाद का खजाना, तो आज ही बिलासपुर जाए घुमने फिरने या अपने व्यापरियो के साथ आज ही जाए बिलासपुर के सैर पर.. तो मिस न करे बिलास पुर का सफ़र और आज ही दिल को मनोरम बनाने वाले इस शहर में जाकर देखे वहा की अनोखी जगह और निराला जो हर समय रहता है ठंडी हवा वाला और कई सारी शहरों की बढ़िया जाएके दार खाना और डिश का स्वाद सिर्फ हमारे बिलासपुर शहर में..

दोस्तों अपना भारत देश बहुत ही पर्यटक स्थलों से भरपूर देश माना जाता है और यही पर बिलासपुर भारतीय राज्य हिमाचल प्रदेश का एक नगर माना जाता है,यहाँ अपने भारत के पछिम में एक सुन्दर सी क्रतिम झील के पास गोविन्द नगर के समीप बना हुआ है बिलासपुर को लोग कल्हुर भी कहते है यह भी खा जाता है की यहाँ पर पूजा पाठ करने वाले लोगो को ज्यादा भाता है जो यहाँ से 670 मीटर की ऊचाई पर है, यहाँ अपर एक विशाल अखाड़ा भी होता है, यह अखाड़ा पूरे विश्व में प्रसिद्ध है और बिलासपुर मई बहुत पुराने और प्राचीन किले भी है जो आज भी एक विरासत के रूप में खड़े है बिल्लस पुर के दक्षिण वाले भाग में सोलन जिले मई नाला गढ़ का स्थान है इसके उत्तर की दिशा मे मंडी है और हमीरपुर है

क्या है बिलास पुर में घूमने लायक

  1. नैना देवी मंदिर यहाँ का विशाल मंदिर है जो पूरे देश भर मेजाना जाता हैयह मंदिर पहाड़ की चोटी पर बना है जिसकेपास में एक छोटा सा बाज़ार भी लगता है आनंदपुर साहिब से इसकी उचाई को मापा जाता है तोयह 915 मीटर ऊची है
  2. यहाँ पर बहादुर का किला भी है जो सबसे यहाँ का ऊँचा किला है औरयह परगना बहादुरपुर के तेपरा गांव के पास मई ही है और बिलासपुर से लगभग 40किलोमीटर दूर है और देवदार बान के एस सुन्दर स्थान को प्रकर्ति नेघेर रखा है
  3. सरियन किला को सुकेत राज्य के रजा ने बनाया था इसमे बनाने के लिए बहार से विशेष प्रकारका पत्थर लगा हुआ है और यह किला बिलासपुर से लगभग 58 किलोमीटर दूर है
  4. व्यास गुफा यहाँ पर व्यास नाम के ऋषि ने तपस्या की थी यह गुफा न्यू टाउनशिप के तलहटी पर बनी है इसगाव की उत्पत्ति भी इसी गुफा से हुई और इस गुफा को यह बहुत बड़ातीर्थ स्थल माना जाता है
  5. स् वारघाट यहाँ सेकुछ ही दूरी पर है आसानी से आप यहाँ से दुसरी स्थल जा सकते है जैसे कि नैना देवी मंदिर, भांखड़ा बांध पहुंचा जासकता है यहाँ पर अक लक्ष्मी नारायण का मंदिर भी है यह शांति वाला स्थान है यहाँ के मंदिरों की शोभा तो बहुत ही शानदार औरनिराली है
  6. भांखड़ा बांध में जो विश्व का सबसे ऊँचा बांध है इस बांध पर बनी झील बहुत लम्बी है यह बांध काफी बडे स्थान में फैला हुआ है
  7. यहाँ मार्कंडेय मंदिर जो यहाँ से लगभग 20 किलोमीटर दूर बना है यहाँ पर एक पानी का झरना भी है पहले ऋषि लोग भी यही रहते और भगवन की स्तुतिकरते थे

बिलासपुर में पहुच कर आप सैर सपाटे का मज़ा तो लेगे ही लकिन साथ में वहा का नीले बादलो वाला यहाँ का मौसम देखने लायक होता यहाँ शाम के समय सूरज छुपते ही यहाँ आंधी सी चलती है और हरे भरे पेढ़ पोधे और जब झोके लेते है तो बस वो नज़ारा वही ठहर कर देखने लायक होता है अगर आप खाने पीने के बेहद शोकीन है तो आप आज ही निकल पढे बिलासपुर के सफ़र पर और भारत के अलग अलग शहरों की अलग अलग डिश का मज़ा एक की बिलासपुर शहर में ..

उंगलिया चाटने वाली कुछ ख़ास है यह डिश यहाँ की

कुर्कुरा और स्वादिष्ट चावल के आटे और चावल का चटपटा चीला,और इसको आप टमाटर की चटनी और चाय के साथ भी खा सकते है और इससे भी खास है गुड़हा चीला जो बनता है गूढ़ के घोल और आटे से और निराली है यहाँ की गुलगुलहा भजिया,और चावल के आटे का हडफोड़वा भी फेमस है, बिलासपुर से न जाए जब तक वहा की बेसन और अजवाइन की ठेठरी स्वाद दिल तक ना उतर जाए तो आप कहना

कैसे करे बिलासपुर की यात्रा

बिलास पुर यात्रा बहुत ही सल्रल और अच्छी है और स्थान जायदा दूर भी नहीं है