2019 में भारत के परम्परागत त्योहार दशहरा,करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा 2019, जानें बिलकुल करेक्ट समय

जानें भारत के त्योहारों का बिलकुल करेक्ट समययहाँ आप जानेगे 2019 में भारत के परम्परागत त्योहारों जैसे दशहरा,करवा चौथ, धनतेरस, दीपावली और छठ पूजा 2019, का बिलकुल करेक्ट समय ...

अपना भारत देश में त्योहारों का भण्डार है भारत की संस्कृति और सभ्यता से अवगत कराते हुए यह पर्व अक्तूबर में सभी की जीवन में खुशियों की बहार लेकर आ रहे है इस माह सभी को देवी का आशीर्वाद, भगवान् राम जी की जीत का जश्न, पुत्र प्राप्ति उपवास, सबसे सुन्दर, सभी के जीवन में उजाला लाने वाला पर्व दीपो की रौशनी में माता लक्ष्मी का आगमान होगा, दिवाली में,सोहार्ध का पर्व करवाचौथ, भाई बहन का पर्व,धन लाभ की पूजा के साथ छट पूजा की बहार पूरे भारत को रंगीन बना देती है लेकिन शास्त्रों की बातो कों ध्यान में रखते हुए यह सभी हर्ष ऊल्लास के पर्व विधि विधान के साथ सही मूरत पूजा की जाये तो इससे अधिक सुख.शांति लाभ की प्राप्ति होती है

देवी की विदा

भारत का सबसे महत्वपूर्ण पर दुर्गा पूजा है देवी की घर में स्थापना करने के बाद नवरात्री के आखिर दिन में देवी का विसर्जन होता है जो लोग अपने घर में मिटटी की प्रतिमा को रखते है माता के भक्त पंडित को बुलाकर पूरे विधि विधान से विसर्जन ढोल बजा कर रंगों की होली खेल कर करते है ज्योतिषशास्त्र के अनुसार यदि श्रवण नक्षत्र और दशमी तिथि अपराह्न काल में एक साथ व्याप्त हो, तो यह समय दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए सबसे उत्तम समय निर्धारित हुआ है

विसर्जन का दिन -

माँ दुर्गा का विसर्जन इस वर्ष 8 अक्टूबर मंगलवार को है

शुभ मुहूर्तसमय 2 घंटे 20 मिनट 06:17:33 से 08:37:59 तक का है

रावण दहन का पर्व

राम जी की विजय और रावण की पराजय को बताता हुआ विजय दशमी भारत के सभी स्थानों पर बहुत जोर शौर से मनाई जाती है अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा का त्यौहार मनाया जाता है सत्य की हमेशा जीत होती है यह पर्व इस बात की प्रण देता है की असत्य को हमेशा हारना ही पड़ता है दसहरा मानाने की परंपरा दशमी तिथि को अपराह्न काल में सूर्योदय के बाद दसवें मुहूर्त से लेकर बारहवें मुहूर्त तक की मानी जाती है

इस साल का दशहरा - इस साल 8 अक्टूबर मंगलवार को दशहरा का त्यौहार

दशहरा का शुभ मुहूर्त
विजय मुहूर्त -
दिन में 14:05:40 से 14:52:29 तक
अपराह्न मुहूर्त - दिन में 13:18:52 से 15:39:18 तक

प्रेम का पर्व करवा चौथ

करवा चौथ में सभी सुहागिन और शादी शुदा स्त्रियों के जीवन में बहुत ही प्यार भरा यह पर्व बहुत सारी खुशियों को लेकर आता है स्त्रियों को सजाता है इस साल सभी नवविवाहित स्त्रिया और जो स्त्रियाँ बहुत समय से अपने पति की लम्बी आयु के लिए ब्रत करती आ रही है अपने परमेश्वर के लिए सजती सवरती है सभी स्त्रिया यह ब्रत बिना पानी पिए पूरे दिन पूरी सच्ची श्रधा के साथ रखती है सुहागन स्त्रिया शाम को शिव परिवार की पूजा आरती,करवा माता को श्रृंगार से सजाती है खुद भी पूरे सोलह श्रंगार करके सजकर शाम को चाँद को देखकर उसको अर्द देकर अपने पति के हाथ से जल पीकर ब्रत को पूरा करती है

करवा चौथ कब है-इस वर्ष करवा चौथ गुरुवार 17 अक्टूबर 2019 को है।
करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्त - 17:50:03 से 18:58:47 तक
करवा चौथ चंद्रोदय समय -20:15:59

धनवर्षा पर्व धनतेरस

धन में बरोत्री का यह पर्व धनतेरस बहुत महत्वपूर्ण पर्व है यह धन की तेरस कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को खूब अतिशवाजी के साथ शाम को की जाती है इस पूजा में भगवान कुबेर और धन्त्वरी माता लक्ष्मी के साथ सभी को सुख समर्धि प्रदान करती है धन्त्वरी जयंती के नाम से भी यह पर्व मनाया जाता है इस दिन सभी लोग बर्तनों की खरीददारी करते है सोने चाँदी के आभूषण खरीदते है अब कुछ समय से वाहन को खरीदना शुभ माना जाता है सभी घर दुकानों कारोबारों दुकानों पर विधि स्वरौप पूजा करते है

धनतेरस- शुक्रवार, 25 अक्टूबर

सामान खरीदने का मुहर्त
दोपहर-
11.48 से 12.15, 01.30 से 03.00,
शाम- 06.00 से रात्रि 09.00 तक।

पूजन का मुहूर्त -सुबह 09.00 से दोपहर 12.00, दोपहर - 01.30 से 03.00,
शाम - 06.00 से रात्रि 09.00 तक।

दीपो की दिवाली

दिवाली का त्यौहार बहुत ही उत्साह और रौशनी का त्यौहार होता है यह त्यौहार बहुत सारी उमंगो के साथ जीवन में अपार खुशिया लेकर आता है इस दिन देवी लक्ष्मी की पूजा भगवान् गणेश के और सरस्वती के साथ होती है घर सभी लोग देवी के स्वागत के घर की साफ़ सफाई, रंगाई पुताई, अच्छी झालर घर के अन्दर बाहर सभी जगहों पर दियो मोमबत्ती से अपने अपने घरो की सजावट करते है सभी लोग पूजा के बाद मन भरके अतिशवाजी छुडाते है बाद में घर के बने पकवान मीठे से भगवान् का भोग लगते है सब लोग एक दुसरे के घर दिवाली का पर्व मिलने जाते है

दिवाली- रविवार, 27 अक्टूबर

दीपावली और लक्ष्मी पूजा रविवार 27 अक्टूबर

लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त - रात में 18:44 से 20:14 तक
प्रदोष काल - 17:40 से 20:14 तक
वृषभ काल -18: 44 से 20:39 तक

दीपावली महानिशीथ काल मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा मुहूर्त - 23:39 से 24:30 तक
महानिशीथ काल - 23:39 से 24:30 तक
सिंह काल - 25:15:33 से 27:33:12 तक

दीपावली शुभ चौघड़िया मुहूर्त

अपराह्न मुहूर्त्त (शुभ) - 13:28 से 14:52 तक
सायंकाल मुहूर्त्त (शुभ, अमृत, चल) - 17:40 से 22:29 तक
रात्रि मुहूर्त्त (लाभ) - 25:41:26 से 27:17:36 तक
उषाकाल मुहूर्त्त (शुभ) - 28:53:46 से 30:29:57 तक

गोवर्धन पूजा

गोवर्धन पूजा - सोमवार,28 अक्टूबर

गोवर्धन पूजा मुहूर्त

गोवर्धन पूजा सायंकाल मुहूर्त - 15:25 से 17:39 तक

छठ मईया की उपासना

उत्तर भारत के राज्य बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में माता छठ का पर्व कार्तिक शुक्ल षष्ठी को बहुत ही विधि विधान से मनाया जाता है माता छट की पूजा बहुत ही धूमधाम से देवी की पूजा की जाती है यह बिहार का लोकप्रचलित पर्व है चार दिन तक छट देवी की पूजा की जाती है और उनको अर्ध देकर भगवान सूर्य देव और छठी मईया की पूजा की जाती है सभी स्त्रिया ब्रत उपवास पूजा पाठ चार दिनों में देवी को पुरी श्रधा के साथ मनाते है

छठ पूजा कब है -

छठ पर्व इस वर्ष 2 नवंबर शनिवार के दिन है।

शुभ मुहूर्त छठ देवी का -
(संध्या अर्घ्य) सूर्यास्त का समय 2 नवंबर 17:35:42
(उषा अर्घ्य) सूर्योदय का समय 3 नवंबर 06:34:11