ये है दिल्ली के 10 सबसे प्रसिद्ध मंदिरों के नाम और पहुचने का तरीका .. Famous Temples in Delhi

आज आप दिल्ली के सबसे प्रसिद्ध मंदिरो कि जानकारी प्राप्त करेंगे यहाँ के ये खुबसूरत मंदिर जिनकी बनावट और वास्तुकला पर्यटको को अपनी आकर्षित करते है

अक्षरधाम मंदिर

नई दिल्ली मे भगवान स्वामीनारायण के लिए समर्पित भारत के सबसे बड़े हिन्दू परिसर मंदिर में से एक है इसे स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर भी कहते है आधिकारिक तौर पर उद्घाटन 6 नवंबर, 2005 को किया (5 भागो) गया था। करीब 100 एकड़ में फैले इसके ऊँचाई 141 फीट है जिसमें 234 शानदार नक़्क़ाशीदार खंभे, 9 अलंकृत गुंबदों, 20 शिखर, भव्य गजेंद्र की 20,000 मूर्तियां आदि शामिल हैं।

कालकाजी मंदिर

यह भारत मे सबसे अधिक भ्रमण किये जाने वाले प्राचीन एवं श्रद्धेय मंदिरों नेहरु प्लेस के दक्षिण दिल्ली के पास स्थित है माता काली देवी को निर्मित 18 वीं शताब्दी विस्तार 50 सालो मे पुराना हिस्सा अठारवीं शताब्दी से है इसको मनोकामना सिद्ध पीठ के नाम से भी जानते है

इस्कॉन मंदिर

इस्कान नई दिल्ली के कैलाश क्षेत्र के पूर्वी भाग कि स्थापना सन 1998 में कि गई थी इस मंदिर का उद्घाटन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भगवान कृष्ण और देवी राधा को समर्पित श्री राधा पार्थसारथी मन्दिर के नाम से मुख्य रूप से चार भागों में विभाजित है।

छतरपुर मन्दिर

छतरपुर मंदिर गुंड़गांव-महरौली मार्ग के पास छतरपुर इलाके मे स्थित दिल्ली के सबसे बड़े और सबसे प्रसिद्ध मंदिरों (70 एकड़)माता कात्यायनी को समर्पित है, इसलिए इसको कात्यायनी शक्तिपीठ नाम रखा गया है। स्थापना कर्नाटक के संत बाबा नागपाल जी ने शिलान्यास सन् 1974 मे श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ से किया गया था।

कमल मंदिर

कमल मंदिर (बहाई मंदिर), नई दिल्ली में कालका जी मंदिर (नेहरू प्लेस) के पिछले भाग में स्थित एक बहाई का उपासना स्थल है। ये दिल्ली के सबसे खूबसूरत मंदिरों में एक 13 नवम्बर 1986 मे संपन्न हुआ था। और उद्घाटन 24 दिसम्बर 1986 मे हुआ था कमल जैसी आकृति होने के कारण इसे कमल मंदिर या लोटस टेम्पल कहा जाता है।

बिरला मंदिर

भगवान विष्णु और समृद्धि की देवी माता लक्ष्मी को समर्पित बिरला मंदिर गोल मार्किट के पास, कनॉट प्लेस मे स्थित है। इसे भव्य बिरला मंदिर को लक्ष्मी नारायण मंदिर के नाम से भी जानते है। सन 1622 मे वीर सिंह देव द्वारा माता लक्ष्मी और विष्णु भगवान की मूर्ति का अलौकिक सौदर्य देखते ही बनता है।

योगमाया मंदिर

नई दिल्ली के महरौली मे क़ुतुबमीनार के समीप बहुत ही प्राचीन मंदिर है, इस मंदिर का निर्माण महाभारत युद्ध के समाप्त होने पर पाण्डवों ने किया था। मंदिर के पुजारी के मुताबिक ये उन 27 मंदिरों में से एक है, जिन्हे महमूद गज़नबी और बाद मे मुगलो (19वीं) ने नष्ट कर दिया था। इस मंदिर के पास एक पानी की झील, जोहाद है जिसे “अनंगताल” कहा जाता है।

दिगंबर जैन मंदिर

यह पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके के लाल किले के पास सबसे पुराना जैन मंदिर है।ये सुंदर लाल बलुआ पत्थरो से बना चाँदनी चौक और नेताजी सुभाष मार्ग के चौराहे पर साल 1526 मे (23वें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ) किया गया।इस प्रसिद्ध मंदिर को रेड टेम्पल या लाल मंदिर भी कहते है

गौरी शंकर मंदिर

दिल्लीं के चांदनी चौक इलाके मे पूर्णतः भगवान शिव को समर्पित है और भारत के शैव सम्प्रदाय के सबसे पुराने मंदिरो मे से है। इस मंदिर का निर्माण साल 1761 मे किया गया था। मंदिर के अंदर भगवान शिव, देवी पार्वती, गणेश और कार्तिक की मूर्ति रखी हुई है।

गुफा वाला मंदिर

पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार क्षेत्र शिव मंदिर ‘गुफा वाले मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध है। इसका सन 1987 मे शुरू हुआ था और 1994 मे बनकर तैयार हुआ था। इस मंदिर का मुख्य आकर्षण अंदर मां चिंतपूर्णी, माता कात्यायनी, संतोषी मां, लक्ष्मी जी, ज्वाला जी की मूर्तियां भी स्थापित है।

दिल्ली का मलाई मंदिर

दिल्ली में मलाई मंदिर के नाम से प्रसिद्ध ये मंदिर जो तमिल संस्कृति को दर्शाता और जिसे रामकृष्ण पुरम की पहाड़ी पर बनाया गया है सच में बहुत अध्बुत मंदिर है जहाँ जा कर ऐसा लगता है मानो साऊथ के एक भव्य मंदिर में आ गए बही का रहन सहन बही भाषा और मंदिर की बनाबट मन मोह लेती है मंदिर दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला चोल, पंड्या की भव्यता को दर्शाता है। मंदिर के निकट बंगाली सभ्यता-संस्कृति से बना दक्षिण दिल्ली कालीबाड़ी भी स्थित हैमंदिर के निकट बंगाली सभ्यता-संस्कृति से बना दक्षिण दिल्ली कालीबाड़ी भी स्थित है।

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