Temples in Delhi

छतरपुर मंदिर

भारत की राजधानी दिल्ली में दक्षिण भारतीय शैली में बना यह छतरपुर मंदिर जो लगभग 60 एकड़ के क्षेत्र में फैला अक्षर धाम मंदिर के बाद दिल्ली का दूसरा सबसे बड़ा मंदिर है छतरपुर मंदिर दिल्ली का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं तथा माता के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं। अन्‍य मंदिरों के विपरीत इस मंदिर में हर जाति और हर धर्म के श्रद्धालुओं को दर्शन करने की अनुमति है।

यह मंदिर गुंड़गांव-महरौली मार्ग के निकट छतरपुर में स्थित है। दिल्ली में छतरपुर मंदिर कात्यायनी देवी को समर्पित है और यहाँ कई छोटे और बड़े मंदिर भी हैं यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना हुआ है और इसकी सजावट बहुत की आकर्षक है। दिल्ली में छतरपुर मंदिर मंदिर के संस्थापक संत श्री नागपाल बाबा के समर्पण और भक्तों की आस्था के कारण, इस मंदिर की शोभा और बढ़ जाती है। । मंदिर परिसर में खूबसूरत लॉन और बगीचे हैं।

यहाँ एक विशेष पवित्र स्थान या “शायस्क” है, जिसे देवी कात्यायनी का विश्राम गृह माना जाता है। विश्राम गृह में चाँदी से बना एक बिस्तर और ड्रेसिंग टेबल भी उपलब्ध है। मंदिर परिसर में एक पवित्र पेड़ भी है और उस पेड़ के साथ बंधे हुए धागे की प्रत्येक गाँठ में श्रद्धा, भक्ति और भक्तों के दिलों में धार्मिक विस्वास की एक कहानी विद्यमान है।

यहां स्थित देवी कात्‍यायनी की विशाल सोने की मूर्ति, दुनिया के हर हिस्‍से से भक्‍तों को आकर्षित करती है। यह मूर्ति हमेशा चमचमाते कपड़ों, चमकदार ज्‍वैलरी और भारी हार से सजी रहती है। मंदिर परिसर में भगवान शिव, भगवान गणेश, भगवान हनुमान, राधा – कृष्‍णा और भगवान राम को समर्पित मंदिर भी हैं। इन सभी मंदिरों में दक्षिण भारतीय और उत्‍तर भारतीय वास्‍तुकला शैली का मिश्रण साफ झलकता है।

स्थापना-
छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर का शिलान्यास सन् 1974 में किया गया था। इसकी स्थापना कर्नाटक के संत बाबा नागपाल जी ने की थी। इससे पहले मंदिर स्थल पर एक कुटिया हुआ करती थी। आज वहां 70 एकड़ पर माता का भव्य मंदिर स्थित है। मंदिर परिसर में ही धर्मशाला, स्कूल व छोटा अस्पताल सहित आई.आई.टी. का संचालन किया जाता है। यह मंदिर माता के छठे स्वरूप माता कात्यायनी को समर्पित है। इसलिए इसका नाम भी कात्यायनी शक्तिपीठ रखा गया है। लगभग बीस छोटे-बड़े मंदिरों का यह स्थल दिल्ली में दूसरा सबसे बड़ा मंदिर माना जाता है।

छतरपुर मंदिर उत्सव-
नवरात्रों में दिल्ली के छत्तरपुर स्थित आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में माता के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुगण आते हैं। यहां माता का स्वरूप देखते ही बनता है लाखों की तादाद में लोग मां के दर्शन करने के आते है। दूर-दूर से लोग बसों, कारों आदि में भारी संख्या में इस मंदिर में पहुंचते हैं। कई लोग नंगे पांव पैदल ही माता के दर्शनों के लिए छतरपुर मंदिर में आते हैं। दरअसल मां कात्यायनी के श्रृंगार के लिए यहां रोजाना दक्षिण भारत से खास हर रंगों के फूलों से बनी माला मंगवाई जाती है। यहां खास तौर पर माता का श्रृंगार रोज आपको अलग-अलग देखने मिलता है।

भव्य और सुन्दर उद्यानों से घिरा यह दर्शनीय स्थल, क़ुतुब मीनार से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर है। बस के अतिरिक्त मेट्रो रेल से भी वहां पहुंच सकते हैं। यह महरौली गुडगांव सड़क पर स्थित है।

यदि नवरात्र के त्यौहार में सुबह और पूरनमाशी (पूर्णिमा रात) में 12 बजे मध्य रात्रि में मंदिर की यात्रा करें, तो आप इस मंदिर के आकर्षण से मंत्रमुग्ध हो जाएंगे।
छतरपुर और दिल्ली के बारे में अधिक जानने के लिए, निम्नलिखित बातें आपकी मदद कर सकती हैं:

खुलने का समय: सुबह 6:00 बजे से शाम 10:00 बजे तक
स्थान: मेहरौली गुड़गाँव रोड, छतरपुर – नई दिल्ली, 110030